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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग 'इंडियन प्रीमियर लीग' (IPL) का खुमार खिलाड़ियों के सिर चढ़कर बोल रहा है, लेकिन इसकी कीमत अब पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) को चुकानी पड़ रही है। ताजा मामले में जिम्बाब्वे के स्टार तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी ने पीएसएल के साथ अपना करार तोड़कर आईपीएल का हाथ थाम लिया है। मुजरबानी के इस 'धोखे' से पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) बुरी तरह बौखला गया है और अब बोर्ड ने इस खिलाड़ी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने का मन बना लिया है।

केकेआर से मिला ऑफर तो पीएसएल को किया बाय-बाय

दरअसल, ब्लेसिंग मुजरबानी को पीएसएल की टीम इस्लामाबाद यूनाइटेड ने शमार जोसेफ के रिप्लेसमेंट के तौर पर 1.1 करोड़ पाकिस्तानी रुपये में साइन किया था। सब कुछ तय था, लेकिन जैसे ही आईपीएल की टीम कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने मुस्तफिजुर रहमान की जगह उन्हें अपनी टीम में शामिल करने का प्रस्ताव दिया, मुजरबानी ने पलक झपकते ही पीएसएल से किनारा कर लिया। खिलाड़ी का यह रवैया पीसीबी को नागवार गुजरा है, क्योंकि बोर्ड इसे सीधे तौर पर 'ब्रीच ऑफ कॉन्ट्रैक्ट' यानी अनुबंध का उल्लंघन मान रहा है।

कानूनी शिकंजे में मुजरबानी, पीसीबी लेगा बड़ा एक्शन

पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीसीबी के चेयरमैन मोहसिन नकवी इस मामले को लेकर बेहद गंभीर हैं। बोर्ड का कहना है कि मुजरबानी ने पीएसएल के साथ कानूनी रूप से बाध्यकारी समझौता किया था, जिसे उन्होंने बीच में ही तोड़ दिया। अब पीसीबी न केवल मुजरबानी पर पीएसएल में खेलने के लिए एक या दो साल का बैन लगाने की तैयारी में है, बल्कि उन पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई करने के लिए भी वकीलों से सलाह ले रहा है। पीसीबी का तर्क है कि इस तरह की हरकतों से लीग की साख को बट्टा लगता है।

लगातार दूसरे साल पीएसएल को लगा बड़ा झटका

हैरानी की बात यह है कि यह लगातार दूसरा साल है जब किसी विदेशी खिलाड़ी ने पीएसएल के ऊपर आईपीएल को प्राथमिकता दी है। पिछले साल दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ी कोर्बिन बॉश ने भी कुछ ऐसा ही किया था, जिसके बाद पीसीबी ने उन्हें एक साल के लिए बैन कर दिया था। अब मुजरबानी के इस कदम ने दोनों लीग्स के बीच चल रहे 'कोल्ड वॉर' को और हवा दे दी है। क्रिकेट पंडितों का मानना है कि आईपीएल का आर्थिक रसूख और ग्लोबल एक्सपोजर खिलाड़ियों को पीएसएल जैसे टूर्नामेंटों से दूर खींच रहा है, जो पाकिस्तान क्रिकेट के लिए आने वाले समय में बड़ी मुसीबत बन सकता है।