Prabhat Vaibhav,Digital Desk : मध्य पूर्व (Middle East) में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। शनिवार सुबह इजराइल ने ईरान पर एक बड़ा और 'सोची-समझी साजिश' के तहत हवाई हमला किया। ईरान की राजधानी तेहरान समेत कई प्रमुख शहरों में जोरदार विस्फोटों की आवाजें सुनी गई हैं। इजराइली रक्षा मंत्रालय ने इसे एक 'पूर्वव्यापी हमला' (Pre-emptive Strike) करार दिया है, जो दुश्मन के संभावित हमले को विफल करने के लिए किया गया है। इस कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं।
तेहरान में धमाकों की गूंज: मेहराबाद एयरपोर्ट और मध्य क्षेत्र निशाने पर
ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेहरान के मध्य भाग और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मेहराबाद हवाई अड्डे (Mehrabad Airport) के पास कम से कम तीन बड़े विस्फोट हुए। धमाके इतने भीषण थे कि आसमान में धुएं का काला गुबार देखा गया। इजराइली सेना ने इस हमले का एक वीडियो भी जारी किया है, जिसमें कई रॉकेट ईरान की ओर दागते हुए दिखाई दे रहे हैं। तेहरान के निवासियों को तुरंत सुरक्षित स्थानों और बंकरों में जाने की सलाह दी गई है।
इजराइल में 'परमानेंट इमरजेंसी': स्कूल बंद, वर्क फ्रॉम होम लागू
ईरान पर हमले के तुरंत बाद इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज़ ने देश भर में "विशेष और स्थायी आपातकाल" (Special & Permanent Emergency) की घोषणा कर दी है। ईरान की ओर से संभावित जवाबी मिसाइल या ड्रोन हमले की आशंका को देखते हुए इजराइल के सभी स्कूलों को बंद कर दिया गया है। नागरिकों को घरों से काम करने (Work From Home) के निर्देश दिए गए हैं और देश के हवाई क्षेत्र (Airspace) को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। पूरे इजराइल में सायरन की आवाजें गूंज रही हैं।
क्या होता है 'प्री-एम्प्टिव स्ट्राइक'? क्यों किया इजराइल ने हमला?
इजराइल ने इस कार्रवाई को 'प्री-एम्प्टिव' बताया है। सैन्य रणनीति में इसका अर्थ है कि जब किसी देश को यह पक्का यकीन हो जाए कि दुश्मन उस पर हमला करने वाला है, तो वह आत्मरक्षा में पहले ही हमला कर दुश्मन की क्षमता को नष्ट कर देता है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और इजराइल की सुरक्षा पर मंडराते खतरे को देखते हुए बेंजामिन नेतन्याहू सरकार ने यह बड़ा कदम उठाया है।
विश्व शक्तियों की नजर: बढ़ सकता है संघर्ष का दायरा
इस हमले ने न केवल ईरान और इजराइल, बल्कि अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों को भी सीधे तौर पर प्रभावित किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईरान ने जवाबी कार्रवाई की, तो यह संघर्ष एक पूर्ण युद्ध (Full-scale War) में बदल सकता है। फिलहाल तेहरान और यरुशलम दोनों ही हाई अलर्ट पर हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय शांति की अपील कर रहा है।




