रांची में आज सुबह छाया रहा कुहासा, पर 27 अक्टूबर से बदलेगा झारखंड का मौसम; भारी बारिश के आसार

रांची में आज सुबह छाया रहा कुहासा, पर 27 अक्टूबर से बदलेगा झारखंड का मौसम; भारी बारिश के आसार

झारखंड की राजधानी रांची और इसके आसपास के इलाकों में मौसम ने अचानक करवट बदलनी शुरू कर दी है, जिससे आने वाले दिनों में आम जनजीवन पर इसका बड़ा असर देखने को मिल सकता है। आज सुबह से ही रांची समेत कई जिलों में घना कुहासा (कोहरा) छाया रहा, जिसके कारण सवेरे-सवेरे सड़कों पर निकलने वाले वाहन चालकों को विजिबिलिटी की भारी समस्या का सामना करना पड़ा। हल्की धुंध और गुलाबी ठंड के बीच सुबह की शुरुआत जरूर खुशनुमा लग रही थी, लेकिन मौसम वैज्ञानिकों ने राज्य के लोगों के लिए एक बहुत बड़ा अलर्ट जारी कर दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताज़ा अनुमानों के अनुसार, 27 अक्टूबर से झारखंड के मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदलने वाला है। राज्य के ऊपर एक नया मौसमी सिस्टम सक्रिय हो रहा है, जिसके प्रभाव से राजधानी रांची सहित कई जिलों में बादल उमड़ने-घुमड़ने लगेंगे और गरज-चमक के साथ भारी बारिश होने की प्रबल संभावना बन रही है। मौसम में इस अचानक आ रहे बदलाव ने जहां एक तरफ तापमान में गिरावट के संकेत दिए हैं, वहीं दूसरी तरफ किसानों और आम नागरिकों की चिंताएं भी बढ़ा दी हैं। आइए इस विस्तृत मौसम रिपोर्ट में जानते हैं कि 27 अक्टूबर से झारखंड में किस तरह का मौसमी सिस्टम बन रहा है और किन-किन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

रांची में आज सुबह घना कोहरा, सड़कों पर विजिबिलिटी कम होने से थम गई गाड़ियों की रफ्तार

राजधानी रांची और इसके आसपास के इलाकों में आज सुबह की शुरुआत एक अलग ही मिजाज के साथ हुई। सुबह-सुबह बिस्तर से सोकर उठे लोगों ने जब खिड़कियों से बाहर देखा तो पूरा शहर सफेद कोहरे की चादर में लिपटा हुआ नजर आया। रांची के कांके, तुपुदाना, नामकुम और एयरपोर्ट रोड जैसे मैदानी व खुले इलाकों में कुहासा इतना गहरा था कि महज कुछ मीटर की दूरी पर स्थित चीजें भी साफ दिखाई नहीं दे रही थीं। सुबह की सैर पर निकलने वाले मॉर्निंग वॉकर्स और स्कूली बच्चों को लेकर जाने वाली बसों को हेडलाइट जलाकर धीमी रफ्तार में चलना पड़ा। हाईवे पर गाड़ियों की रफ्तार पूरी तरह से थम सी गई थी। हवा में नमी का स्तर ज्यादा होने की वजह से सुबह के समय हल्की सिहरन महसूस की गई। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह कोहरा वायुमंडल के निचले हिस्से में नमी और तापमान में आ रही गिरावट का नतीजा है, जो इस बात का स्पष्ट संकेत है कि अब झारखंड में धीरे-धीरे सर्दी का आगमन हो चुका है। हालांकि, दोपहर होते-होते धूप खिली जरूर, लेकिन बादलों की हल्की आवाजाही ने यह साफ कर दिया कि यह शांति केवल एक बड़े मौसमी बदलाव से पहले की सुगबुगाहट है।

27 अक्टूबर से झारखंड में क्यों बदलेगा मौसम? जानिए नया साइक्लोनिक सर्कुलेशन और मौसमी सिस्टम

रांची मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार, बंगाल की खाड़ी और उससे सटे तटीय इलाकों में एक नया साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र) आकार ले रहा है। इस मौसमी हलचल की वजह से समुद्र की तरफ से प्रचुर मात्रा में नम हवाएं झारखंड और पड़ोसी राज्यों के वायुमंडल में तेजी से प्रवेश कर रही हैं। इसी चक्रवाती तंत्र के असर से 27 अक्टूबर से झारखंड के पूरे आसमान में घने बादलों का डेरा जमा होना शुरू हो जाएगा। मौसम विज्ञानियों का मानना है कि हवा की दिशा में बदलाव और निचले स्तर पर दबाव का क्षेत्र बनने के कारण वातावरण में आद्रता काफी बढ़ जाएगी, जो 27 अक्टूबर और उसके बाद के दिनों में तेज मूसलाधार बारिश का रूप ले सकती है। यह मौसमी बदलाव सिर्फ रांची तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका असर राज्य के दक्षिणी, मध्य और पूर्वी हिस्सों में भी बड़े पैमाने पर देखने को मिलेगा, जिससे तापमान में एकाएक तीन से चार डिग्री सेल्सियस की बड़ी गिरावट दर्ज की जा सकती है।

किन-किन जिलों में जारी हुआ भारी बारिश का अलर्ट? तेज हवाओं और वज्रपात की चेतावनी

मौसम विभाग ने 27 अक्टूबर से शुरू होने वाले इस नए मौसमी स्पेल को लेकर राज्य के कई संवेदनशील जिलों के लिए यलो और ऑरेंज अलर्ट की चेतावनी जारी की है। राजधानी रांची के अलावा खूंटी, गुमला, सिमडेगा, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, बोकारो और धनबाद जैसे जिलों में 27 अक्टूबर से भारी बारिश होने के आसार जताए गए हैं। इस दौरान केवल बारिश ही नहीं, बल्कि कई स्थानों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ वज्रपात (आकाशीय बिजली गिरने) का भी खतरा मंडरा रहा है। मौसम केंद्र ने लोगों को चेतावनी दी है कि खराब मौसम के दौरान वे खुले मैदानों, जलभराव वाले इलाकों और बड़े पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें। किसानों को भी अपनी कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है, क्योंकि बिन मौसम की यह भारी बारिश खेतों में खड़ी या सुखाने के लिए रखी गई धान की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा सकती है।

तापमान में आएगी भारी गिरावट, झारखंड में समय से पहले दस्तक दे सकती है कड़ाके की ठंड

मौसम विशेषज्ञों का विश्लेषण है कि 27 अक्टूबर के बाद होने वाली इस बारिश का सीधा असर झारखंड के न्यूनतम और अधिकतम दोनों तरह के तापमान पर पड़ेगा। बारिश के बाद जैसे ही आसमान साफ होगा, उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाएं तेजी से राज्य में प्रवेश करेंगी, जिससे रांची समेत लगभग पूरे झारखंड में सिहरन और ठंडक काफी ज्यादा बढ़ जाएगी। दिन का अधिकतम तापमान जहां 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास सिमट सकता है, वहीं रात का न्यूनतम तापमान गिरकर 14 से 15 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। यानी इस बारिश के साथ ही झारखंड में कड़ाके की ठंड की औपचारिक शुरुआत हो जाएगी। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी मौसम के इस उतार-चढ़ाव को देखते हुए बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की हिदायत दी है, क्योंकि अचानक बढ़ते कोहरे, बारिश और गिरते तापमान से सर्दी-जुकाम, बुखार और सांस संबंधी समस्याओं का खतरा काफी बढ़ जाता है।

प्रशासन और मौसम विभाग की लोगों से अपील: मौसम अपडेट्स पर रखें नजर

मौसम में आ रहे इस बड़े बदलाव को देखते हुए रांची जिला प्रशासन और राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने भी अपनी तरफ से तैयारियां शुरू कर दी हैं। मौसम विभाग लगातार सैटेलाइट तस्वीरों और रडार डेटा के जरिए साइक्लोनिक सिस्टम पर नजर बनाए हुए है और हर कुछ घंटों में ताज़ा बुलेटिन जारी कर रहा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे 27 अक्टूबर और उसके बाद के दिनों में यात्रा पर निकलने से पहले मौसम का हाल जरूर जांच लें। खासकर पहाड़ी और जंगलों से घिरे इलाकों में सड़क हादसों से बचने के लिए कोहरे व बारिश के दौरान वाहन बेहद सावधानी से चलाएं। झारखंड की जनता को सलाह दी गई है कि वे आकाशीय बिजली और भारी बारिश की स्थिति में सुरक्षित पक्के मकानों के अंदर ही रहें। मौसम का यह नया दौर भले ही कुछ दिनों के लिए जनजीवन को प्रभावित करे, लेकिन यह झारखंड में सर्दियों के एक खूबसूरत और ठंडे मौसम की मजबूत बुनियाद भी रखने जा रहा है।