Prabhat Vaibhav,Digital Desk : कर्नाटक की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। आगामी उपचुनावों की रणभेरी बजते ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी चुनावी बिसात बिछाना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में बेंगलुरु स्थित पार्टी मुख्यालय में कर्नाटक भाजपा कोर कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक में पार्टी के दिग्गज नेताओं ने उपचुनाव के लिए संभावित उम्मीदवारों के नामों पर विस्तार से चर्चा की। माना जा रहा है कि भाजपा इस बार जिताऊ चेहरों पर दांव लगाने की रणनीति बना रही है, ताकि विपक्षी कांग्रेस को कड़ी टक्कर दी जा सके और राज्य की राजनीति में अपना दबदबा फिर से कायम किया जा सके।
उम्मीदवारों के चयन के लिए कड़ा पैमाना
बैठक में पूर्व मुख्यमंत्रियों, प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। सूत्रों के अनुसार, कोर कमेटी ने उम्मीदवारों के चयन के लिए कुछ कड़े मापदंड निर्धारित किए हैं। इसमें स्थानीय लोकप्रियता, जातिगत समीकरण और पार्टी के प्रति निष्ठा को सर्वोपरि रखा गया है। बताया जा रहा है कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए तीन-तीन संभावित नामों का एक पैनल तैयार किया जा रहा है, जिसे अंतिम मंजूरी के लिए दिल्ली स्थित केंद्रीय चुनाव समिति को भेजा जाएगा। भाजपा इस बार किसी भी तरह की गुटबाजी से बचते हुए पूरी एकजुटता के साथ मैदान में उतरने की तैयारी में है।
कांग्रेस की घेराबंदी के लिए तैयार हुआ ब्लूप्रिंट
उपचुनाव केवल सीटों को जीतने का सवाल नहीं है, बल्कि इसे राज्य सरकार के कामकाज पर जनता के 'रेफरेंडम' के तौर पर भी देखा जा रहा है। कोर कमेटी की बैठक में न केवल नामों पर चर्चा हुई, बल्कि कांग्रेस सरकार की विफलताओं को जनता के बीच ले जाने का ब्लूप्रिंट भी तैयार किया गया। पार्टी नेतृत्व ने जिला इकाइयों को निर्देश दिए हैं कि वे बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करें। बैठक में भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों में देरी जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का निर्णय लिया गया है ताकि सत्तारूढ़ दल को बैकफुट पर लाया जा सके।
क्षेत्रीय क्षत्रपों की भूमिका और गुटबाजी पर लगाम
कर्नाटक भाजपा के भीतर लंबे समय से चल रही खींचतान को खत्म करना भी इस बैठक का एक बड़ा एजेंडा रहा। आलाकमान ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि उपचुनावों में सामूहिक नेतृत्व के साथ काम करना होगा। लिंगायत और वोक्कालिगा जैसे महत्वपूर्ण वोट बैंक को साधने के लिए क्षेत्रीय क्षत्रपों को विशेष जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। बैठक के बाद नेताओं ने एकजुटता का दावा करते हुए कहा कि भाजपा सभी सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज करेगी। अब सबकी नजरें दिल्ली पर टिकी हैं कि केंद्रीय नेतृत्व किन नामों पर मुहर लगाता है, जिससे आने वाले दिनों में चुनावी मुकाबला और भी दिलचस्प होने वाला है।
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