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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : पंजाब के लुधियाना से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। शहर के सबसे व्यस्त कारोबारी इलाकों में से एक दाल बाजार में वीरवार सुबह एक रिहायशी मकान के भीतर चल रही फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में 68 वर्षीय बुजुर्ग चरणजीत शर्मा की जिंदा जलने से मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है और रिहायशी क्षेत्रों में अवैध रूप से चल रही फैक्ट्रियों की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

संकरी गलियों ने मुश्किल की राह, 12 पाइप जोड़कर बुझाई गई आग

हादसा सुबह करीब 10 बजे हुआ, जब मकान के अंदर संचालित हो रही छोटी फैक्ट्री से अचानक आग की ऊंची लपटें उठने लगीं। दाल बाजार का इलाका बेहद संकरा और भीड़भाड़ वाला होने के कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, लेकिन तंग गलियों के कारण फायर टेंडर घटनास्थल तक नहीं पहुंच सके। दमकल कर्मियों ने सूझबूझ दिखाते हुए करीब 12 लंबी पाइपों को एक-दूसरे से जोड़कर अंदर तक पानी पहुंचाया और घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

मलबे से मिला चरणजीत शर्मा का शव, परिवार में कोहराम

जब आग पर काबू पाया गया और दमकल कर्मचारी अंदर दाखिल हुए, तो मलबे और धुएं के बीच एक बुरी तरह झुलसा हुआ शव बरामद हुआ। मृतक की पहचान चरणजीत शर्मा (68) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि आग लगने के वक्त वह घर के भीतर ही थे और धुएं व लपटों के कारण बाहर नहीं निकल सके। मृतक अपने पीछे तीन बेटियां छोड़ गए हैं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया है।

शॉर्ट सर्किट या लापरवाही? जांच में जुटी पुलिस

शुरुआती जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, हालांकि पुलिस और फॉरेंसिक टीमें हर पहलू से मामले की तफ्तीश कर रही हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि रिहायशी इलाके में फैक्ट्री चलाने के नियमों की जांच की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर लुधियाना के पुराने और भीड़भाड़ वाले इलाकों में बिना एनओसी (NOC) और फायर सेफ्टी उपकरणों के चल रहे कारखानों की पोल खोल दी है।