Prabhat Vaibhav,Digital Desk : पंजाब के फरीदकोट से एक ऐसी हृदयविदारक खबर सामने आई है, जिसने पूरे सूबे को झकझोर कर रख दिया है। कर्ज के अंतहीन चक्रव्यूह और फसल की बर्बादी से टूटे दो सगे किसान भाइयों ने मौत को गले लगा लिया। कोटकपूरा के पास गांव ढाब ब्राह्मण वाला के नजदीक दोनों भाइयों ने एक साथ ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। यह हादसा इतना दर्दनाक था कि मौके पर मौजूद लोगों की रूह कांप गई। मृतकों की पहचान गांव हरीनौ निवासी 38 वर्षीय जसकरण सिंह और उनके छोटे भाई 34 वर्षीय जसविंदर सिंह उर्फ जोरा सिंह के रूप में हुई है। सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शवों को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा।
सगी बहनों से हुई थी शादी, अब पीछे रह गईं दो विधवाएं और मासूम बेटियां
इस दुखद घटना ने दो परिवारों को पूरी तरह तबाह कर दिया है। रोंगटे खड़े कर देने वाली बात यह है कि दोनों भाइयों की शादी दो सगी बहनों से हुई थी। घर में अब केवल बुजुर्ग माता-पिता, दो बेवा पत्नियां और एक-एक छोटी मासूम बच्ची रह गई है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों भाई एक ही बाइक पर सवार होकर रेलवे ट्रैक तक पहुंचे थे। उन्होंने एक-दूसरे का हाथ मजबूती से पकड़ा और सामने से आ रही तेज रफ्तार ट्रेन के आगे कूद गए। गांव में इस समय चूल्हा तक नहीं जला है और हर आंख नम है।
25 लाख का कर्ज बना 50 लाख का काल, ब्याज ने तोड़ी कमर
परिजनों ने बताया कि भाइयों पर मूल रूप से करीब 25 लाख रुपये का कर्ज था। लेकिन भारी ब्याज दर के कारण यह रकम बढ़कर 50 लाख रुपये तक पहुंच गई थी। कर्ज उतारने की जद्दोजहद में उन्होंने तीन महीने पहले अपनी जमीन का एक हिस्सा भी बेचा था, लेकिन फिर भी बैंक और साहूकारों का बोझ कम नहीं हुआ। करीब नौ महीने पहले उन्होंने खेती के लिए एक नया ट्रैक्टर खरीदा था, जिसकी किश्तें (EMI) न भर पाने के कारण बैंक की ओर से लगातार दबाव बनाया जा रहा था। आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव ने उन्हें इस आत्मघाती कदम के लिए मजबूर कर दिया।
आलू की फसल बर्बाद होने से छिना आखिरी सहारा
खेती में लगातार हो रहे घाटे ने दोनों भाइयों को भीतर से तोड़ दिया था। इस साल उन्हें आलू की फसल से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन मौसम की मार और बीमारी के कारण फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। आय का कोई जरिया न बचने और बैंक के बढ़ते दबाव के चलते दोनों भाई पिछले कई दिनों से गहरे डिप्रेशन में थे। गांव के गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान कुलदीप सिंह ने सरकार से मांग की है कि पीड़ित परिवार का पूरा कर्ज माफ किया जाए और अनाथ हुई बच्चियों के भविष्य के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। पुलिस फिलहाल परिजनों के बयान दर्ज कर मामले की गहन तफ्तीश कर रही है।




