यौन उत्पीड़न मामला: कांग्रेस MP अकोइजम पर BJP का एक और प्रहार
देश की राजधानी दिल्ली से लेकर राजनीतिक गलियारों तक इन दिनों एक गंभीर और संवेदनशील मामला सबसे बड़ा चर्चा का विषय बना हुआ है। मणिपुर के इनर लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस पार्टी के सांसद और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के प्रोफेसर रहे अंगोमचा बिमोल अकोइजम (Angomcha Bimol Akoijam) पर लगे यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों के बाद सियासत पूरी तरह से गरमा गई है। विश्वविद्यालय की आंतरिक शिकायत समिति (ICC) की जांच में कथित तौर पर दोषी पाए जाने के बाद जेएनयू प्रशासन ने उन्हें प्रोफेसर के पद से बर्खास्त कर दिया था, जिसके बाद से यह मामला केवल शैक्षणिक संस्थानों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। विपक्षी दलों और खास तौर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी और उसके शीर्ष नेतृत्व की चुप्पी को लेकर तीखा हमला बोला है।
जेएनयू से बर्खास्तगी और दिल्ली पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज होने का पूरा घटनाक्रम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जेएनयू के सामाजिक विज्ञान केंद्र के प्रोफेसर के रूप में कार्यरत अकोइजम पर छात्राओं द्वारा यौन उत्पीड़न और गंभीर कदाचार के आरोप लगाए गए थे। विश्वविद्यालय स्तर पर चली लंबी जांच प्रक्रिया और आंतरिक समिति की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करते हुए जेएनयू प्रशासन ने उन्हें तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया। इस प्रशासनिक कार्रवाई के बाद मामला और अधिक गंभीर हो गया, और दिल्ली पुलिस ने भी कड़े कानूनी प्रावधानों के तहत उनके खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। हालांकि, दूसरी तरफ सांसद अकोइजम ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे राजनीतिक बदले की भावना और अपने खिलाफ एक दुर्भावनापूर्ण साजिश करार दिया है, लेकिन इस कानूनी शिकंजे के बाद उनके राजनीतिक भविष्य पर गंभीर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात करेगा बीजेपी महिला सांसदों का प्रतिनिधिमंडल
इस पूरे प्रकरण को लेकर भारतीय जनता पार्टी की महिला नेत्रियों और महिला मोर्चे का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। देश भर में हो रहे विरोध प्रदर्शनों और धरनों के बीच आज बीजेपी महिला सांसदों का एक प्रमुख प्रतिनिधिमंडल देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात करने जा रहा है। इस मुलाकात के दौरान महिला सांसद राष्ट्रपति को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर आरोपी सांसद के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने और संसद सदस्यता के मामले में उचित कदम उठाने की मांग करेंगी। बीजेपी का आरोप है कि इतने गंभीर और आपराधिक आरोपों से घिरे होने के बावजूद कांग्रेस पार्टी अपने सांसद को बचाने की कोशिश कर रही है और इस संवेदनशील मुद्दे पर राहुल गांधी समेत अन्य वरिष्ठ नेता पूरी तरह से चुप्पी साधकर बैठे हैं।
महिलाओं की सुरक्षा और राजनीतिक शुचिता को लेकर देश में छिड़ी तीखी बहस
इस हाई-प्रोफाइल मामले ने एक बार फिर देश के सार्वजनिक जीवन, उच्च शिक्षण संस्थानों और राजनीतिक दलों के भीतर महिलाओं की सुरक्षा तथा कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न विरोधी कानूनों (POSH Act) के क्रियान्वयन को लेकर एक बड़ी बहस छेड़ दी है। महिला संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि न्याय की डगर पर राजनीति आड़े नहीं आनी चाहिए, चाहे आरोपी किसी भी दल या पद से ताल्लुक रखता हो। जैसे-जैसे यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है, आने वाले दिनों में संसद सत्र और राजनीतिक मंचों पर इस मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी भिड़ंत देखने को मिल सकती है, जिस पर पूरे देश की निगाहें टिकी हुई हैं।