Prabhat Vaibhav,Digital Desk : भारत में पुरुषों में मुंह का कैंसर सबसे आम कैंसर है। अक्सर तंबाकू को मुंह के कैंसर का कारण माना जाता है, लेकिन मुंबई के टाटा मेमोरियल सेंटर के एक नए अध्ययन से आपको हैरानी होगी। इस अध्ययन के अनुसार, भारत में मुंह के कैंसर के 62% मामलों का कारण शराब है। इसके अलावा, जो लोग शराब के साथ-साथ तंबाकू का सेवन करते हैं, उन्हें इसका अधिक खतरा होता है।
यह अध्ययन कब किया गया था?
दिसंबर 2025 में जर्नल बीएमजे ग्लोबल हेल्थ में प्रकाशित इस अध्ययन में 2010 से 2021 के बीच 3,706 पुरुषों को शामिल किया गया था। इनमें 1,803 मुख कैंसर के मरीज और 1,903 स्वस्थ व्यक्ति शामिल थे। इन प्रतिभागियों को टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल, मुंबई और एसीटीआरईसी (खारघर) से भर्ती किया गया था।
इस शोध से क्या पता चलता है?
- शराब के सेवन से खतरा काफी बढ़ जाता है: चाहे वह ब्रांडेड बीयर हो, व्हिस्की हो, वाइन हो, या महूदो, ताडी या थेरा जैसी स्थानीय शराब हो, मुंह के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
- एक पेग भी काफी है: प्रतिदिन मात्र 9 ग्राम अल्कोहल (एक स्टैंडर्ड ड्रिंक) पीने से भी जोखिम 50 प्रतिशत बढ़ जाता है। यहां तक कि 2 ग्राम से भी कम बीयर पीने से भी जोखिम बढ़ जाता है।
- शराब भी खतरनाक है: मुंह के कैंसर के 17 प्रतिशत मामले अकेले शराब के कारण होते हैं।
- तंबाकू कितना खतरनाक है? गुटखा और नसवार जैसे तंबाकू उत्पाद मुंह के कैंसर के 37 प्रतिशत मामलों के लिए जिम्मेदार हैं।
- दोनों का एक साथ सेवन: शराब और तंबाकू का एक साथ सेवन करने से जोखिम 4-5 गुना बढ़ जाता है और यह 62 प्रतिशत मामलों के लिए जिम्मेदार है।
शराब के क्या प्रभाव होते हैं?: शराब शरीर में एसीटैल्डिहाइड उत्पन्न करती है, जो डीएनए को नुकसान पहुंचाता है। भारत में अधिकांश लोगों में ऐसे जीन होते हैं जो शराब को धीरे-धीरे पचाते हैं। इसी कारण यह विषैला पदार्थ शरीर में लंबे समय तक बना रहता है, जिससे कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
डॉक्टर क्या कहते हैं?
मुंबई के टाटा मेमोरियल सेंटर में मुख एवं गले के कैंसर विभाग के प्रमुख डॉ. पंकज चतुर्वेदी के अनुसार, शराब को ग्रुप 1 कैंसर का कारण माना जाता है। भारत में तंबाकू पर नीति है, लेकिन शराब पर नहीं। सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट और उनके माध्यम से किए जाने वाले विज्ञापन बंद होने चाहिए। यह सोचना गलत है कि थोड़ी मात्रा में शराब पीना ठीक है। शराब की कोई सुरक्षित सीमा नहीं है।
मुंह के कैंसर के लक्षण क्या हैं?
- मुंह में छाले या फफोले जो दो सप्ताह तक रहें
- होंठों या मुंह पर सफेद या लाल धब्बे
- मुंह में गांठ या सूजन
- निगलने या बोलने में कठिनाई
- गर्दन में गांठें
- मुंह से दुर्गंध आना या मुंह से खून आना।
इससे कैसे बचा जा सकता है?
- शराब और तंबाकू का सेवन पूरी तरह से छोड़ दें।
- गुटखा, तंबाकू, पान मसाला और सुपारी से दूर रहें।
- मुंह की स्वच्छता बनाए रखें, नियमित रूप से ब्रश करें और नियमित जांच करवाएं।
- फलों और सब्जियों से भरपूर पौष्टिक आहार लें।




