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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : नन्हें मेहमान के घर आने की खुशी जितनी बड़ी होती है, उसकी देखभाल की जिम्मेदारी भी उतनी ही चुनौतीपूर्ण होती है। अक्सर नए माता-पिता इस बात को लेकर परेशान रहते हैं कि उनका बच्चा या तो बहुत ज्यादा सो रहा है या फिर उसकी नींद बार-बार टूट रही है। क्या आप जानते हैं कि एक नवजात शिशु के लिए 24 घंटे में कितने घंटे की नींद जरूरी है? आइए, अमर उजाला की इस विशेष रिपोर्ट में विशेषज्ञों की राय से समझते हैं शिशुओं के स्लीप पैटर्न का पूरा गणित।

दिन और रात का अंतर नहीं समझते नवजात, जानें क्या है विशेषज्ञों की राय

अक्सर माता-पिता शिकायत करते हैं कि उनका बच्चा दिन में घोड़े बेचकर सोता है और रात होते ही उसकी 'पार्टी' शुरू हो जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह बिल्कुल सामान्य प्रक्रिया है। दरअसल, जन्म के शुरुआती कुछ हफ्तों तक शिशुओं को दिन और रात के बीच का अंतर समझ नहीं आता।

डॉक्टरों का मानना है कि नवजात शिशु आमतौर पर दिन के समय 8 से 9 घंटे और रात में लगभग 8 घंटे की नींद लेते हैं। इस तरह एक स्वस्थ शिशु 14 से 17 घंटे तक सो सकता है। हालांकि, यह नींद एक बार में पूरी नहीं होती, बल्कि छोटे-छोटे टुकड़ों में बंटी होती है।

हर 2-3 घंटे में क्यों टूट जाती है बच्चे की नींद?

शुरुआती दो महीनों में शिशु एक बार में 30 मिनट से लेकर 3 घंटे तक ही सोते हैं। इसका मुख्य कारण उनका छोटा पेट है। नवजात का पेट बहुत जल्दी भरता है और उतनी ही जल्दी खाली भी हो जाता है। यही वजह है कि उन्हें हर 2-3 घंटे में भूख लगती है और वे दूध पीने के लिए जाग जाते हैं। ज्यादातर बच्चे 3 महीने की उम्र तक पहुंचने से पहले लगातार 6 से 8 घंटे की गहरी नींद नहीं ले पाते।

विकास के लिए जरूरी है 'स्लीप थेरेपी'

बच्चे इतना ज्यादा क्यों सोते हैं? इस सवाल पर विशेषज्ञों का कहना है कि नींद के दौरान ही शिशु के मस्तिष्क और शरीर का सबसे तेजी से विकास होता है। गहरी नींद में शरीर वृद्धि (Growth) से संबंधित महत्वपूर्ण हार्मोन रिलीज करता है।

विशेष सावधानी: यदि आपका बच्चा असामान्य रूप से सो रहा है, दूध पीने के लिए भी नहीं जाग रहा या उसे बुखार और सुस्ती महसूस हो रही है, तो तुरंत बाल रोग विशेषज्ञ (Pediatrician) से संपर्क करें।

REM और Non-REM: समझें बच्चे की नींद के चरण

शिशुओं की नींद वयस्कों से काफी अलग होती है। उनकी नींद मुख्य रूप से दो चरणों में बंटी होती है:

REM (Rapid Eye Movement): यह हल्की नींद की अवस्था है। इसमें शिशु की आंखें पलकों के नीचे हिलती हैं और वह हाथ-पांव भी चला सकता है। नवजात अपनी अधिकांश नींद इसी अवस्था में बिताते हैं।

Non-REM: यह गहरी नींद की अवस्था होती है। इसमें बच्चा पूरी तरह शांत रहता है और शरीर में कोई हलचल नहीं होती।