Prabhat Vaibhav,Digital Desk : जिले में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के प्रति घरेलू उपभोक्ताओं में जागरूकता लगातार बढ़ रही है। योजना के तहत अब तक लगभग 110 घरेलू उपभोक्ताओं ने अपनी छतों पर सोलर सिस्टम लगवा लिया है।
बिजली विभाग के अनुसार, सोलर सिस्टम लगाने वाले अधिकांश उपभोक्ताओं का बिजली बिल शून्य आता है। इसका मुख्य कारण राज्य सरकार द्वारा सभी घरेलू उपभोक्ताओं को 125 यूनिट बिजली मुफ्त देने की घोषणा है।
बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता अरविंद कुमार ने बताया कि जिन उपभोक्ताओं के घर पर सोलर सिस्टम है, वे 125 यूनिट से अधिक बिजली खपत करने के बावजूद भी एक रुपये का बिल नहीं देते। यदि कोई उपभोक्ता 300-400 यूनिट बिजली खपत करता है, तो अतिरिक्त खपत सोलर सिस्टम से उत्पादित बिजली से पूरी तरह समायोजित हो जाती है।
तीन किलोवाट का सोलर सिस्टम सबसे लाभदायक
अधीक्षण अभियंता ने बताया कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए तीन किलोवाट का सोलर सिस्टम सबसे अधिक फायदेमंद है। इसे लगाने से घर में पंखा, कूलर और एसी तक आसानी से चलाया जा सकता है और बिल शून्य आता है। इस सोलर सिस्टम को लगाने में लगभग दो लाख रुपये का खर्च आता है, जिसमें सरकार करीब 78 हजार रुपये का अनुदान प्रदान करती है।
बारुण प्रखंड निवासी अखिलेश कुमार ने बताया कि उन्होंने अपने घर की छत पर सोलर सिस्टम लगाया है और अब उनका बिजली बिल हर माह शून्य आता है। उन्होंने कहा कि योजना से न केवल आर्थिक बचत हो रही है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान मिल रहा है।
सरकारी संस्थानों में सोलर का इस्तेमाल
जिले के अधिकांश उच्च विद्यालयों और सरकारी संस्थानों में भी सोलर सिस्टम लगाए गए हैं। ब्रेडा द्वारा लगाए गए सिस्टम से समाहरणालय, व्यवहार न्यायालय, मंडल कारा, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, वृद्धाश्रम, सदर अस्पताल और कासमा स्थित सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज सहित कई संस्थानों को फायदा हुआ है।
जेल में बिजली बिल में बड़ी बचत
जेल अधीक्षक डॉ. दीपक कुमार ने बताया कि सोलर सिस्टम की वजह से जेल को हर माह लगभग 90 हजार रुपये की बिजली बचत हो रही है।




