डरबन टेस्ट में दिखा क्रिकेट का सबसे खौफनाक और जांबाज मंज़र

डरबन टेस्ट में दिखा क्रिकेट का सबसे खौफनाक और जांबाज मंज़र

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास में कई ऐसे मुकाबले दर्ज हैं जो अपनी बेहतरीन खेल कला के साथ-साथ खिलाड़ियों के अदम्य साहस और जुझारूपन के लिए हमेशा-हमेशा के लिए अमर हो जाते हैं। दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया (AUS vs SA) के बीच डरबन के ऐतिहासिक मैदान पर खेले जा रहे भीषण टेस्ट मैच में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जिसने दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों की सांसे थाम दीं। दक्षिण अफ्रीका के स्पीड स्टार और अपनी रफ्तार के लिए दुनिया भर में खौफ का पर्याय बन चुके तेज गेंदबाज एनरिक नोर्तजे (Anrich Nortje) की एक बेहद तेज, खतरनाक और लगभग 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली शॉर्ट-पिच बाउंसर सीधे ऑस्ट्रेलियाई टीम के अनुभवी बल्लेबाज स्टीव स्मिथ (Steve Smith) के हेलमेट पर जा लगी। मैदान पर मौजूद हर शख्स और टीवी स्क्रीन के सामने बैठे करोड़ों फैंस की चीख निकल गई, क्योंकि गेंद सीधे कान के पास जाकर लगी थी और इम्पैक्ट इतना भयानक था कि हेलमेट का एक हिस्सा भी छिटक गया था।

पलभर के लिए सन्नाटा, फिर स्टीव स्मिथ के अड़ियल रवैये ने जीता सबका दिल

जैसे ही वह घातक गेंद स्टीव स्मिथ के सिर पर लगी, दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ी तुरंत चिंता जताते हुए उनकी तरफ दौड़े और फीजियो (Physio) को तुरंत मैदान के बीचों-बीच बुलाया गया। कनकशन टेस्ट (Concussion Test) और प्राथमिक चिकित्सा के बाद यह अंदेशा लगाया जा रहा था कि शायद स्मिथ अब बल्लेबाजी जारी नहीं रख पाएंगे और मैदान से रिटायर्ड हर्ट होकर बाहर लौट जाएंगे। मैदान पर कुछ पलों के लिए पूरी तरह से सन्नाटा पसर गया था। लेकिन जिस बात ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया, वह था स्टीव स्मिथ का गजब का मानसिक संतुलन और उनका खेल के प्रति अटूट समर्पण। कुछ क्षण तक अपनी सांसें सामान्य करने और जरूरी मेडिकल जांच कराने के बाद, स्मिथ ने मैदान छोड़ने से साफ इनकार कर दिया और एक बार फिर पूरी मजबूती के साथ अपनी क्रीज पर खड़े हो गए।

फील्डिंग के दौरान भी मैदान पर डटे रहे स्मिथ, दिखाया असली ऑस्ट्रेलियन फाइटिंग स्पिरिट

सिर्फ बल्लेबाजी के दौरान ही नहीं, बल्कि खेल के अगले सत्र और चौथे दिन जब ऑस्ट्रेलियाई टीम को मैदान पर उतरकर विपक्षी बल्लेबाजों को रोकने की चुनौती का सामना करना पड़ा, तो स्टीव स्मिथ ने अपनी फिटनेस और जज्बे का एक और बड़ा उदाहरण पेश किया। सिर पर इतनी भयानक चोट खाने और अंदरूनी दर्द होने के बावजूद वह स्लिप और अन्य महत्वपूर्ण फील्डिंग पोजीशन पर पूरी मुस्तैदी के साथ तैनात रहे। खेल विशेषज्ञों और पूर्व क्रिकेट दिग्गजों का कहना है कि आधुनिक क्रिकेट के युग में मानसिक दृढ़ता और शारीरिक दर्द से पार पाने की ऐसी मिसालें बहुत कम देखने को मिलती हैं। स्टीव स्मिथ ने साबित कर दिया कि क्यों उन्हें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ और मानसिक रूप से सबसे मजबूत बल्लेबाजों की फेहरिस्त में सबसे ऊपर गिना जाता है।

टेस्ट क्रिकेट के प्रति जुनून और आने वाले मैचों के लिए ऑस्ट्रेलिया का बढ़ा हौसला

इस घटना के बाद न केवल ऑस्ट्रेलियाई खेमे का मनोबल सातवें आसमान पर पहुंच गया है, बल्कि दुनिया भर के खेल प्रेमियों के बीच स्टीव स्मिथ की यह फाइटिंग स्पिरिट चर्चा का सबसे बड़ा विषय बन गई है। डरबन टेस्ट का यह मुकाबला सीरीज के लिहाज से पहले से ही काफी रोमांचक मोड़ पर था, लेकिन इस व्यक्तिगत जज्बे ने मैच के रोमांच को और कई गुना बढ़ा दिया है। क्रिकेट के मैदान पर अपनी कलाइयों के जादू और अनूठे स्टांस के लिए पहचाने जाने वाले स्मिथ ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि जब देश और टीम के लिए खेलने की बात आती है, तो उनके लिए शारीरिक चोटें कभी भी उनके इरादों को डिगा नहीं सकतीं।