विराट कोहली के 139 रनों के तूफानी शतक के बाद क्यों ट्रोल हुए हेड कोच गौतम गंभीर
भारतीय क्रिकेट के गलियारों में इन दिनों मैदान के अंदर के शानदार प्रदर्शन से ज्यादा मैदान के बाहर की रणनीतियों और सोशल मीडिया पर चलने वाले ट्रेंड्स की गूंज सुनाई दे रही है। करिश्माई बल्लेबाज विराट कोहली ने एक बार फिर अपनी अद्भुत और लाजवाब बल्लेबाजी का मु मुजाहिरा करते हुए मैदान पर 139 रनों की एक ऐसी तूफानी पारी खेली, जिसने दुनियाभर के क्रिकेट प्रेमियों और दिग्गजों को झूमने पर मजबूर कर दिया। लेकिन इस ऐतिहासिक और रिकॉर्डतोड़ शतकीय पारी के ठीक बाद सोशल मीडिया पर जिस एक शख्स ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा, वे भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर हैं। विराट के इस प्रलयकारी प्रदर्शन के दौरान डगआउट में बैठे गौतम गंभीर के चेहरे पर किसी भी प्रकार के भाव या प्रतिक्रिया का नजर न आना देखते ही देखते इंटरनेट पर एक मिम और बहस का सबसे बड़ा मुद्दा बन गया। क्रिकेट फैंस और सोशल मीडिया यूजर्स ने उनके इस 'नो रिएक्शन' लुक को हाथों-हाथ लेते हुए तरह-तरह के मजेदार मीम्स और तीखे कटाक्ष शेयर करना शुरू कर दिए, जिससे यह मामला रातों-रात इंटरनेट की दुनिया का सबसे हॉट टॉपिक बन गया।
विराट कोहली का शतकीय प्रलय और मैदान पर दिखा वह क्लासिक अंदाज जिसकी दुनिया दीवानी है
जब-जब विराट कोहली का बल्ला गरजता है, तब-तब क्रिकेट के रिकॉर्ड बुक में नए पन्नों का जुड़ना तय माना जाता है, और इस बार उन्होंने अपनी 139 रनों की इस मैराथन पारी से आलोचकों के मुंह हमेशा के लिए बंद कर दिए हैं। क्रीज पर उतरने से लेकर अपने शतक तक के सफर में विराट ने जिस गजब के संयम, तकनीकी महारत और आक्रामक तेवरों का प्रदर्शन किया, उसने साबित कर दिया कि क्यों उन्हें इस खेल का आधुनिक युग का सम्राट कहा जाता है। विपक्षी गेंदबाजों के पास उनकी कलात्मक ड्राइव्स और आक्रामक शॉट्स का कोई जवाब नहीं था, और पूरा स्टेडियम उनके हर एक रन पर गूंज उठा था। मैदान के चारों तरफ शॉट लगाने की उनकी क्षमता ने यह दिखा दिया कि उनकी फिटनेस और फॉर्म आज भी दुनिया के किसी भी गेंदबाज के होश फाख्ता करने के लिए पूरी तरह से काफी है। ऐसे जादुई पलों में जब पूरा देश और ड्रेसिंग रूम जश्न में डूबा हुआ था, तब कैमरे की नजरें बार-बार डगआउट की ओर मुड़ रही थीं, जहां का नजारा पूरी तरह से अलग था।
डगआउट में गौतम गंभीर का खामोश और भावहीन चेहरा बना सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र
एक तरफ जहां पूरा देश विराट कोहली के इस शानदार और ऐतिहासिक शतक का जश्न मना रहा था और स्टैंड्स में बैठे दर्शक खुशी से झूम रहे थे, वहीं भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर की प्रतिक्रिया ने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। अक्सर अपनी आक्रामकता और बेबाक अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले गौतम गंभीर इस बार पूरी तरह से शांत, गंभीर और किसी भी तरह के बाहरी भाव से रहित नजर आए। जब विराट ने अपने ट्रेडमार्क अंदाज में शतक पूरा किया और बल्ला उठाकर दर्शकों का अभिवादन स्वीकार किया, तब डगआउट में बैठे गंभीर के चेहरे पर मुस्कान या उत्साह का एक भी पल देखने को नहीं मिला। सोशल मीडिया की पैनी नजरों ने इस खास पल को तुरंत कैद कर लिया और कुछ ही मिनटों के भीतर उनके इस 'नो रिएक्शन' लुक की तस्वीरें और वीडियो इंटरनेट के हर प्लेटफॉर्म पर आग की तरह फैल गए। नेटिज़न्स ने इस बात पर लंबी बहस छेड़ दी कि आखिर इतने बड़े मील के पत्थर को हासिल करने के बाद भी कोच की तरफ से ऐसी चुप्पी क्यों और इसके क्या मायने निकाले जा सकते हैं।
इतिहास के पन्नों से जुड़े पुराने किस्से और फैंस के बीच छिड़ी तीखी ऑनलाइन बहस
गौतम गंभीर और विराट कोहली के बीच के रिश्तों को लेकर भारतीय क्रिकेट प्रेमियों और मीडिया में हमेशा से ही एक अलग तरह की उत्सुकता और अटकलों का बाजार गर्म रहा है। अतीत में आईपीएल के मैदानों पर दोनों के बीच हुई गर्मागर्म बहस के किस्से आज भी क्रिकेट फैंस के जेहन में तरोताजा हैं, और यही वजह है कि जब भी मैदान पर ऐसा कोई वाकया होता है, तो लोग पुरानी परतों को कुरेदने से बाज नहीं आते। हालांकि, जब गंभीर को भारतीय टीम का मुख्य कोच बनाया गया था, तब दोनों ने यह स्पष्ट कर दिया था कि वे देश के हित के लिए मिलकर आगे बढ़ेंगे और व्यक्तिगत समीकरणों को पीछे छोड़ देंगे। इसके बावजूद, इस ताजा मैच के दौरान उनके भावहीन चेहरे को देखकर सोशल मीडिया पर दो विरोधी गुट बन गए। एक तरफ जहां कुछ फैंस इसे गंभीर का एक पेशेवर और अनुशासित कोच होने का स्वभाव बता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ ट्रोल्स और आलोचक इसे किसी अन्य नजरिए से जोड़कर तरह-तरह के कयास लगाने में जुटे हुए हैं।
कोचिंग स्टाफ की भूमिका और टीम के भीतर के तालमेल पर खेल विशेषज्ञों की राय
क्रिकेट के गलियारों और खेल विशेषज्ञों के बीच अब इस बात पर गंभीर मंथन शुरू हो चुका है कि क्या इस तरह की छोटी-छोटी बातों को तूल देना टीम के माहौल को प्रभावित कर सकता है या फिर यह सब आधुनिक सोशल मीडिया संस्कृति का केवल एक हिस्सा मात्र है। जानकारों का मानना है कि एक मुख्य कोच की जिम्मेदारी सिर्फ व्यक्तिगत खिलाड़ियों की सफलताओं पर ताली बजाना नहीं होती, बल्कि पूरे मैच की स्थिति और टीम की रणनीतिक प्राथमिकताओं पर लगातार नजर बनाए रखना होता है। गौतम गंभीर अपनी गंभीर कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं और वे मैदान पर भावनाओं से ज्यादा नतीजों को तवज्जो देते हैं, जिसे शायद कई बार आम दर्शक गलत तरीके से समझ लेते हैं। विराट कोहली और टीम के बाकी खिलाड़ी अपनी लय हासिल कर चुके हैं, और कोच का मुख्य फोकस आगामी बड़े टूर्नामेंट्स में टीम को एक अजेय इकाई बनाने पर टिका हुआ है। यह वायरल ट्रेंड भले ही कुछ दिनों की सोशल मीडिया सनसनी बनकर रह जाए, लेकिन यह इस बात का प्रमाण जरूर है कि भारतीय क्रिकेट और इसके दिग्गजों पर हर एक सेकेंड देश-दुनिया की पैनी नजरें टिकी रहती हैं।