Prabhat Vaibhav,Digital Desk : साल 2026 के पहले दिन उत्तराखंड के प्रमुख मंदिरों में भक्तों ने भगवान के चरणों में शीश नवाकर नए साल की शुरुआत की। कैंची धाम, जागेश्वर धाम, नयना देवी, गिरिजा देवी समेत अन्य मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रही।
जागेश्वर धाम और अन्य धार्मिक स्थलों पर उमड़ी आस्था की लहर
साल 2025 को विदाई देने के बाद भक्तों ने नए साल के पहले दिन मंदिरों में पहुंचकर पूजा अर्चना की। जागेश्वर धाम, गोलू मंदिर चितई और नंदा देवी, पातालदेवी जैसे मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
ठंड के बावजूद स्थानीय और बाहर से आए पर्यटकों ने मंदिरों में पूजा-अर्चना करते हुए सुख-समृद्धि और स्वास्थ्य की कामना की।
हल्द्वानी और आसपास के मंदिरों में भक्तों की भारी उपस्थिति
हल्द्वानी शहर के प्रमुख मंदिरों में भी नववर्ष के अवसर पर भक्तों की अच्छी खासी भीड़ देखने को मिली।
कालू सिद्ध मंदिर (कालाढूंगी चौराहा)
शीतला देवी मंदिर (रानीबाग)
कालीचौड़ मंदिर (गौलापार)
सूर्यादेवी मंदिर
भक्तों ने पूजा-अर्चना, हवन और आरती में भाग लिया। मंदिर परिसर में जयकारों और भजन-कीर्तन से माहौल भक्तिमय बना रहा। मंदिर समितियों और प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए।
नयना देवी मंदिर में भक्तों का आस्था मार्ग
नैनीताल स्थित नयना देवी मंदिर में इस बार पिछले सालों की तुलना में थोड़ी कम भीड़ रही। सुबह से लगभग दो हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। मंदिर ट्रस्ट ने भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष इंतजाम किए थे।
रामनगर में गिरिजा देवी मंदिर में उमड़ी श्रद्धालु भीड़
रामनगर के गिरिजा देवी मंदिर में भक्तों ने लाइन लगाकर पूजा अर्चना की। सुबह से ही रामनगर, काशीपुर, हल्द्वानी, बाजपुर, ठाकुरद्वारा और मुरादाबाद से लोग मंदिर पहुंचे। कई श्रद्धालुओं ने कोसी नदी में स्नान कर दर्शन किए। मंदिर के प्रधान पुजारी मनोज चंद्र पांडे ने पूजा कराई और मंदिर परिसर को फूलों से सजाया गया।
भीड़भाड़ के चलते प्रसाद विक्रेताओं का व्यवसाय भी अच्छा रहा। सुरक्षा के लिए मंदिरों में पुलिस और प्रशासनिक स्टाफ मौजूद थे।
उत्तराखंड के मंदिरों में नए साल के पहले दिन की यह आस्था यात्रा दर्शाती है कि यहां के लोग वर्ष की शुरुआत भगवान के आशीर्वाद से करना पसंद करते हैं।




