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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार रात (24 फरवरी, 2026) को कांग्रेस के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए अपने दूसरे कार्यकाल का पहला 'स्टेट ऑफ द यूनियन' (SOTU) भाषण दिया। जनवरी 2025 में सत्ता संभालने के बाद, पिछले 13 महीनों की उपलब्धियों का बखान करते हुए ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका अब एक "स्वर्ण युग" में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने अर्थव्यवस्था से लेकर सीमा सुरक्षा तक कई ऐसे आंकड़े पेश किए, जिन्होंने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।

'संकटग्रस्त देश से लेकर सुनहरे दौर तक': ट्रंप का बड़ा दावा

अपने संबोधन की शुरुआत में राष्ट्रपति ट्रंप ने पूर्ववर्ती प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा, "जब मैंने जिम्मेदारी संभाली, तब देश रिकॉर्ड तोड़ महंगाई, युद्ध और वैश्विक अराजकता से जूझ रहा था। लेकिन महज 13 महीनों में हमने वो बदलाव कर दिखाए हैं, जो पहले कभी नहीं देखे गए।" उन्होंने जोर देकर कहा कि आज अमेरिका पहले से कहीं अधिक बड़ा, बेहतर और समृद्ध बनकर उभरा है। ट्रंप के अनुसार, देश अब अपनी स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ मनाने की दहलीज पर खड़ा है, जो अमेरिकी इतिहास का सबसे गौरवशाली क्षण होगा।

पेट्रोल की कीमतों और महंगाई पर विपक्ष को घेरा

आर्थिक मोर्चे पर अपनी जीत का दावा करते हुए ट्रंप ने कहा कि बाइडेन प्रशासन के दौरान जो पेट्रोल 6 डॉलर प्रति गैलन के पार पहुंच गया था, वह अब कई राज्यों में 1.99 डॉलर और कुछ जगहों पर तो 1.85 डॉलर प्रति गैलन तक गिर चुका है। उन्होंने मुद्रास्फीति (Inflation) को लेकर कहा, "हमने 2025 के आखिरी तीन महीनों में मूल मुद्रास्फीति को 1.7 प्रतिशत के स्तर पर ला दिया है, जो पिछले पांच वर्षों में सबसे कम है।" ट्रंप ने इसे अमेरिकी मध्यम वर्ग की सबसे बड़ी जीत करार दिया।

सीमा सुरक्षा और नशीली दवाओं पर 'जीरो टॉलरेंस'

ट्रंप ने अपने भाषण में सीमा सुरक्षा को लेकर एक चौंकाने वाला दावा किया। उन्होंने कहा, "पिछले नौ महीनों में एक भी अवैध अप्रवासी अमेरिका की सीमा में दाखिल नहीं हुआ है। हमारी सीमाएं अब पूरी तरह सुरक्षित हैं।" इसके साथ ही उन्होंने फेंटानिल जैसी जानलेवा दवाओं के आयात में 56 प्रतिशत की भारी कमी आने की बात कही। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि उनकी नीतियों के कारण अब अमेरिका को वैश्विक स्तर पर वह सम्मान मिल रहा है, जिसका वह हकदार है।

ईरान को चेतावनी और 4 जुलाई का भव्य संकल्प

विदेश नीति पर चर्चा करते हुए ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, "मैं शांति का पक्षधर हूं, लेकिन अगर अमेरिका की सुरक्षा को खतरा हुआ, तो मैं कार्रवाई करने में एक पल की भी देरी नहीं करूंगा।" अमेरिका अब ईरान के निकट अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा है। संबोधन के अंत में उन्होंने आगामी 4 जुलाई को अमेरिकी स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ को "विजय और प्रगति के उत्सव" के रूप में मनाने का आह्वान किया, जिसे उन्होंने 'धरती के सबसे अद्भुत देश' का वास्तविक स्वर्ण युग बताया।