अयोध्या की पावन धरा पर शक्ति उपासना का महासंगम

अयोध्या की पावन धरा पर शक्ति उपासना का महासंगम

मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की पावन जन्मस्थली अयोध्या में इन दिनों केवल राम भक्ति की गंगा ही नहीं बह रही, बल्कि शारदीय नवरात्रि के पवित्र पर्व पर आदिशक्ति मां दुर्गा की उपासना का अलौकिक और विहंगम दृश्य भी देखने को मिल रहा है। रामनगरी की सड़कों और गलियों में उस समय भक्ति का एक नया इतिहास रच गया जब हजारों श्रद्धालुओं के हाथों में लहराती हुई 251 मीटर लंबी भव्य चुनरी यात्रा (251 Meter Chunri Yatra) निकाली गई। ढोल-नगाड़ों की थाप, शंखनाद और 'जय माता दी' के गगनभेदी जयकारों के बीच जब यह चुनरी यात्रा मुख्य मार्गों से गुजरी, तो ऐसा प्रतीत हुआ मानो पूरी अयोध्या नगरी मां भगवती के चरणों में नतमस्तक हो गई हो। इस भव्य पदयात्रा में न केवल स्थानीय निवासी, बल्कि देश के कोने-कोने से पहुंचे साधु-संत, महिलाएं, युवा और श्रद्धालु भी पूरे भक्ति भाव के साथ शामिल हुए।

जिले के 2400 से अधिक स्थलों पर स्थापित हुईं मां दुर्गा की प्रतिमाएं, पूजा पंडालों में गूंज रहे जयकारे

अयोध्या केवल अपने ऐतिहासिक राम मंदिर के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विविधता के लिए भी जानी जाती है। नवरात्रि के इस पावन अवसर पर जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों को मिलाकर लगभग 2400 से अधिक प्रमुख स्थलों पर भव्य दुर्गा पूजा पंडाल सजाए गए हैं, जहां मां भगवती की मनमोहक प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। हर सुबह-शाम इन पंडालों में होने वाली भव्य महाआरती, मंत्रोच्चार और शक्ति साधना से पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। सुरक्षा और व्यवस्था के दृष्टिकोण से पुलिस-प्रशासन ने भी सभी 2400 पूजा स्थलों पर पुख्ता इंतजाम किए हैं। शहर के प्रमुख शक्तिपीठों जैसे माता बड़ी देवकाली, छोटी देवकाली और कामाख्या देवी मंदिर में ब्रह्म मुहूर्त से ही श्रद्धालुओं की लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं, जहां लोग मां के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं।

भक्ति और राष्ट्रीय एकता का संदेश, सरयू तट से शक्तिपीठों तक अलौकिक नजारा

इस 251 मीटर लंबी चुनरी यात्रा की सबसे खास बात यह रही कि इसे सरयू नदी के पवित्र तट से वैदिक पूजन और मंत्रोच्चार के साथ शुरू किया गया और नगर भ्रमण कराते हुए प्रमुख देवी मंदिरों तक ले जाया गया। यात्रा के दौरान रास्ते भर लोगों ने छतों से पुष्पवर्षा कर चुनरी यात्रा का स्वागत किया और मां के जयकारे लगाए। इस आयोजन के आयोजकों का कहना है कि यह यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि समाज में सुख, शांति, सौहार्द और नारी शक्ति के सम्मान का संदेश देने का एक सशक्त माध्यम है। चुनरी को मां भगवती के चरणों में समर्पित करने के बाद सामूहिक महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने एक साथ शामिल होकर पुण्य लाभ कमाया।

जिला प्रशासन मुस्तैद, श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए किए गए विशेष इंतजाम

अयोध्या में उमड़ रहे इस भारी जनसैलाब को देखते हुए अयोध्या पुलिस और जिला प्रशासन पूरी तरह से सतर्क मोड़ पर है। सरयू घाटों से लेकर शहर के सभी प्रमुख मंदिरों, चौराहों और 2400 से अधिक पूजा पंडालों पर सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के जरिए निगरानी रखी जा रही है। जगह-जगह पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि दर्शन-पूजन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इसके साथ ही सफाई, पेयजल और प्रकाश व्यवस्था के लिए नगर निगम की ओर से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। रामनगरी का यह भक्तिमय वातावरण यह साबित करता है कि अयोध्या की धरा पर हर त्योहार एक नए उत्साह, उमंग और जन-आस्था का महासंगम बन जाता है।