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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : उत्तराखंड में फरवरी के मध्य में दस्तक दे रही गर्मी पर मौसम के मिजाज ने ब्रेक लगा दिया है। ऊंचे हिमालयी क्षेत्रों में ताजा हिमपात और निचले इलाकों में हुई रिमझिम बारिश ने पारे को तेजी से नीचे गिरा दिया है। तराई-भाबर से लेकर कुमाऊं के पर्वतीय जिलों तक सर्द हवाओं के चलने से ठिठुरन एक बार फिर बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार, इस बदलाव से अधिकतम तापमान में 3.3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है।

ऊंचाई पर हिमपात, मैदानों में बूंदाबांदी: कहां कैसा है हाल?

गुरुवार सुबह से ही उत्तराखंड के अलग-अलग जिलों में मौसम के विविध रूप देखने को मिले:

अल्मोड़ा और रानीखेत: जिला मुख्यालय सहित आसपास के क्षेत्रों में सुबह से रिमझिम वर्षा का दौर जारी है। सर्द हवाओं ने तापमान गिरा दिया है।

पिथौरागढ़: सीमांत जिले में रिमझिम बारिश हो रही है, जबकि उच्च हिमालयी चोटियों पर बर्फबारी शुरू हो गई है।

नैनीताल और चंपावत: नैनीताल में सुबह हल्की बूंदाबांदी के बाद घने बादल छाए रहे। चंपावत में तेज हवाओं के साथ बारिश होने से ठंड बढ़ गई है।

हल्द्वानी और तराई: हल्द्वानी में अधिकतम तापमान 24.4 डिग्री दर्ज किया गया, जो पिछले दिन के मुकाबले 3.3 डिग्री कम है।

रबी की फसल के लिए 'अमृत' है यह बारिश

मौसम में आए इस अचानक बदलाव को किसानों के लिए बेहद फायदेमंद बताया जा रहा है। कृषि विज्ञानी डॉ. बी.एम. पांडे के अनुसार, इस समय हो रही हल्की बारिश रबी की फसल (खासकर गेहूं और सरसों) के लिए 'संजीवनी' का काम करेगी। बारिश से मिट्टी में नमी बढ़ेगी, जिससे पैदावार बेहतर होने की उम्मीद है। अल्मोड़ा में अब तक 1.6 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है।

मौसम विभाग का पूर्वानुमान: 23 फरवरी से फिर बदलेगा मिजाज

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, पर्वतीय क्षेत्रों में अगले 24 घंटों तक हल्की वर्षा और बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। हालांकि, मैदानी इलाकों में केवल बादल छाए रहेंगे।

20 से 22 फरवरी: इन तीन दिनों के दौरान पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहने की उम्मीद है और धूप खिलने से तापमान में फिर वृद्धि होगी।

23 फरवरी: विभाग ने चेतावनी दी है कि 23 फरवरी से एक बार फिर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिससे मौसम दोबारा करवट बदलेगा।