दिल्ली से कैंची धाम जाने वालों की मौज, जाम से मिलेगी मुक्ति, 21 करोड़ से बन रहा नया बाईपास

दिल्ली से कैंची धाम जाने वालों की मौज, जाम से मिलेगी मुक्ति, 21 करोड़ से बन रहा नया बाईपास

उत्तराखंड के कुमाऊं अंचल में स्थित सुप्रसिद्ध नीम करोली बाबा का कैंची धाम आज दुनियाभर के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का एक विशाल केंद्र बन चुका है। देश-विदेश से हर दिन हजारों भक्त बाबा के दर्शन और आशीर्वाद पाने के लिए कैंची धाम पहुंचते हैं। खासकर देश की राजधानी दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) से जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में पिछले कुछ वर्षों में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। लेकिन कैंची धाम की यात्रा पर जाने वाले भक्तों के सामने सबसे बड़ी चुनौती सड़क मार्ग पर लगने वाला भयंकर ट्रैफिक जाम होता था। वीकेंड और पर्व-त्योहारों के मौकों पर भवाली, नैनीताल और आसपास के इलाकों में गाड़ियों का लंबा रेला लग जाता था, जिससे श्रद्धालुओं को घंटों जाम में फंसकर भारी परेशानी झेलनी पड़ती थी। लेकिन अब दिल्ली-एनसीआर और अन्य राज्यों से आने वाले कैंची धाम के श्रद्धालुओं के लिए एक बेहद राहत भरी और खुशखबरी सामने आई है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की इस बड़ी समस्या का स्थाई समाधान निकालते हुए 21 करोड़ रुपये की लागत से एक नए और भव्य बाईपास निर्माण परियोजना को हरी झंडी दे दी है। इस नए बाईपास के बन जाने के बाद दिल्ली से आने वाले भक्तों को जाम के झाम से हमेशा-हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी और उनका सफर बेहद सुगम और समय की बचत करने वाला हो जाएगा। आइए इस विस्तृत रिपोर्ट में जानते हैं कि 21 करोड़ रुपये का यह प्रोजेक्ट किस तरह तैयार किया जा रहा है और इससे यात्रियों को क्या-क्या बड़े फायदे मिलने वाले हैं।

कैंची धाम मार्ग पर ट्रैफिक की गंभीर समस्या और श्रद्धालुओं की लंबे समय से चली आ रही परेशानी

नीम करोली बाबा के प्रति लोगों की अपार श्रद्धा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि साल के बारहो महीने कैंची धाम में भक्तों का तांता लगा रहता है। दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुड़गांव और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों से रोजाना सैकड़ों वाहन इस रूट पर रवाना होते हैं। काठगोदाम और हल्द्वानी से आगे बढ़ने के बाद जैसे ही गाड़ियां भवाली और कैंची धाम की तरफ रुख करती हैं, वहां की संकरी पहाड़ी सड़कें अत्यधिक ट्रैफिक का दबाव झेलने में असमर्थ साबित होने लगती हैं। विशेषकर गर्मियों की छुट्टियों, शनिवार, रविवार और 15 जून के स्थापना दिवस मेले के दौरान हालात इतने खराब हो जाते थे कि महज 10 से 15 किलोमीटर की दूरी तय करने में यात्रियों को चार से पांच घंटे का समय लग जाता था। इस ट्रैफिक जाम की वजह से न सिर्फ कैंची धाम जाने वाले श्रद्धालु परेशान होते थे, बल्कि स्थानीय निवासियों, एम्बुलेंस सेवाओं और अल्मोड़ा तथा पिथौरागढ़ की तरफ जाने वाले आम यात्रियों को भी बेहद मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। लंबे समय से स्थानीय जनता और श्रद्धालु एक ऐसे बाईपास की मांग कर रहे थे जो मुख्य बाजार और जाम वाले इलाकों को बाईपास करते हुए सीधे कैंची धाम के करीब पहुंचा दे।

21 करोड़ रुपये की लागत से आकार ले रहा है नया बाईपास, जानिए प्रोजेक्ट की पूरी खासियत

श्रद्धालुओं और पर्यटकों की इस परेशानी को बेहद गंभीरता से लेते हुए उत्तराखंड सरकार और लोक निर्माण विभाग (PWD) ने एक ठोस कार्ययोजना तैयार की है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत लगभग 21 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की गई है, जिससे एक अत्याधुनिक और चौड़े बाईपास का निर्माण कार्य तेजी से शुरू किया जा रहा है। इस नए बाईपास मार्ग की डिजाइनिंग इस तरह से की गई है कि दिल्ली और मैदानी इलाकों से आने वाले वाहनों को भवाली शहर के अंदरूनी ट्रैफिक में प्रवेश ही नहीं करना पड़ेगा। यह बाईपास वाहनों को शहर के व्यस्ततम चौराहों और संकरे रास्तों से बचाते हुए सीधे कैंची धाम मार्ग पर कनेक्ट कर देगा। इस मार्ग में भूस्खलन संभावित क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा दीवारों (Retaining Walls), बेहतरीन जल निकासी प्रणाली और मजबूत डामरीकरण का काम शामिल किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि 21 करोड़ रुपये की इस राशि से न केवल सड़क चौड़ीकरण और पक्कीकरण का काम होगा, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए आधुनिक क्रैश बैरियर और साइनबोर्ड भी लगाए जाएंगे ताकि रात के समय भी यात्रा पूरी तरह सुरक्षित रहे।

दिल्ली से कैंची धाम के सफर में होगी समय की भारी बचत, सुगम होगा पहाड़ी रास्ता

यह नया बाईपास बन जाने के बाद सबसे बड़ा फायदा दिल्ली-एनसीआर से आने वाले उन पर्यटकों और श्रद्धालुओं को होगा जो अपनी निजी गाड़ियों या टूरिस्ट बसों से यात्रा करते हैं। वर्तमान समय में दिल्ली से कैंची धाम पहुंचने में अमूमन 7 से 9 घंटे का समय लगता है, जिसमें से सबसे ज्यादा समय भवाली और आसपास के जाम में बर्बाद होता है। नए बाईपास के चालू हो जाने के बाद यात्रा के समय में कम से कम 1.5 से 2 घंटे की सीधी बचत होगी। दिल्ली से चलने के बाद गाड़ियां बिना किसी रुकावट के सरपट दौड़ते हुए कैंची धाम के करीब पहुंच सकेंगी। इसके अलावा, ट्रैफिक का सुचारू संचालन होने से गाड़ियों के ईंधन की भी बड़ी बचत होगी और लोगों को पहाड़ी रास्तों पर लगने वाले थकाऊ जाम से निजात मिलेगी। जो भक्त एक दिन में दर्शन करके वापस लौटने की योजना बनाते हैं, उनके लिए यह बाईपास किसी वरदान से कम साबित नहीं होगा, क्योंकि वे समय पर बाबा के दरबार में माथा टेककर शाम तक आसानी से वापसी का सफर शुरू कर सकेंगे।

स्थानीय पर्यटन, व्यापार और कुमाऊं अंचल की अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया आयाम

21 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह नया बाईपास केवल सड़क यातायात में सुधार का जरिया नहीं है, बल्कि यह पूरे कुमाऊं क्षेत्र की अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा गेमचेंजर साबित होने वाला है। जब सड़कें सुगम और जाममुक्त होती हैं, तो पर्यटकों का रुझान उस क्षेत्र की तरफ और अधिक बढ़ जाता है। कैंची धाम में आने वाले श्रद्धालुओं की सुलभ आवाजाही से आसपास के होटल, होमस्टे, रेस्टोरेंट, हस्तशिल्प की दुकानों और स्थानीय टैक्सी चालकों के व्यवसाय में जबरदस्त उछाल आएगा। भवाली, रानीखेत, अल्मोड़ा और मुक्तेश्वर जाने वाले पर्यटकों को भी इस बाईपास का सीधा लाभ मिलेगा क्योंकि उन्हें अब भवाली के ट्रैफिक जाम में नहीं फंसना पड़ेगा। राज्य सरकार की इस पहल से कुमाऊं में धार्मिक पर्यटन को एक नई गति मिलेगी और नीम करोली बाबा के भक्तों के लिए यात्रा अनुभव पहले से कहीं अधिक सुखद और यादगार बन जाएगा।

निर्माण कार्य में तेजी और समय सीमा: जल्द जनता को समर्पित होगा नया मार्ग

परियोजना की प्रगति को लेकर स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड पर काम कर रहे हैं। निर्माण कार्य को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए आधुनिक मशीनों और पर्याप्त कार्यबल को मैदान में उतारा गया है। पहाड़ी क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और मौसम की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए काम की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि मानसून के दौरान भी सड़क को कोई नुकसान न पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों ने भरोसा जताया है कि निर्माण कार्य बहुत जल्द अपनी अंतिम सीमा को छुएगा और इसे आम जनता तथा श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा। इस नए बाईपास के बन जाने की खबर से दिल्ली समेत पूरे देश के नीम करोली बाबा के भक्तों में खुशी की लहर दौड़ गई है और हर कोई अब बिना किसी बाधा के बाबा कैंची धाम के दर्शन करने का बेसब्री से इंतजार कर रहा है।