Prabhat Vaibhav,Digital Desk : मोक्ष की धरती गयाजी के विश्वप्रसिद्ध विष्णुपद मंदिर के कायाकल्प की तैयारी शुरू हो गई है। रविवार को बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में 'विष्णुपद गलियारा परियोजना' (Vishnupad Corridor) के प्रारूप पर मुहर लगाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया। इस मेगा प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य देश-विदेश से आने वाले लाखों पिंडदानियों के लिए सुगम दर्शन और विश्वस्तरीय सुविधाएं सुनिश्चित करना है।
कैसा होगा विष्णुपद गलियारा? PPT के जरिए हुआ खुलासा
बैठक में कार्यदायी एजेंसी ने पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन (PPT) के माध्यम से गलियारे का पूरा खाका पेश किया। इस परियोजना के तहत मंदिर के बाहरी स्वरूप को पूरी तरह बदला जाएगा:
भव्य प्रवेश और निकास द्वार: मंदिर में आने और जाने के लिए चौड़े और आकर्षक द्वारों का निर्माण होगा ताकि भीड़ नियंत्रण (Crowd Management) आसान हो सके।
सुविधाजनक मार्ग: फल्गु नदी के तट से लेकर मंदिर के पश्चिमी भाग तक के रास्तों को सुव्यवस्थित और सुंदर बनाया जाएगा।
विश्राम केंद्र: पिंडदान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने और विश्राम के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त भवन बनेंगे।
स्मार्ट बाजार और सूचना केंद्र की योजना
परियोजना में केवल मंदिर ही नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्र के आर्थिक विकास पर भी ध्यान दिया गया है:
नया बाजार क्षेत्र: मंदिर से कुछ दूरी पर एक संगठित बाजार विकसित होगा, जहां प्रसाद, पूजन सामग्री और धार्मिक वस्तुओं की बिक्री होगी।
डिजिटल लॉकर: श्रद्धालुओं के मोबाइल और कीमती सामान रखने के लिए सुरक्षित लॉकर की सुविधा मिलेगी।
धार्मिक सूचना केंद्र: गयाजी धाम के गौरवशाली इतिहास और विष्णुपद मंदिर की धार्मिक महत्ता बताने के लिए एक विशेष केंद्र (Information Center) स्थापित किया जाएगा।
पुरोहितों का विरोध: "भीतरी भाग से न हो कोई छेड़छाड़"
बैठक के दौरान गयापाल पुरोहितों ने अपनी चिंताएं भी मजबूती से रखीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंदिर के आंतरिक भाग (गर्भगृह और आसपास) की प्राचीन संरचना और सनातन परंपराओं के साथ कोई भी समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। पुरोहितों की आपत्ति को देखते हुए अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि गलियारा विकास केवल मंदिर के बाहरी परिसर और पहुंच मार्गों तक सीमित रहेगा, ताकि श्रद्धालुओं की आस्था को कोई ठेस न पहुंचे।
फल्गु नदी और विष्णु मार्ग का होगा कायाकल्प
प्रस्ताव के अनुसार, विष्णुपद मंदिर के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों के साथ-साथ प्रसिद्ध 'विष्णु मार्ग' को एक नया और आकर्षक लुक दिया जाएगा। फल्गु नदी के किनारे सौंदर्यीकरण का कार्य होने से पिंडदानियों को तर्पण करने के बाद मंदिर तक पहुंचने में काफी आसानी होगी।




