दुश्मन के हमलों से बचने के लिए नई तकनीक जरूरी: ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने बच्चों और शिक्षा पर दिया जोर

दुश्मन के हमलों से बचने के लिए नई तकनीक जरूरी: ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने बच्चों और शिक्षा पर दिया जोर

मध्य पूर्व में जारी भारी तनाव और भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान (Masoud Pezeshkian) ने देश की सुरक्षा, रक्षा प्रणालियों और भविष्य की पीढ़ियों को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और दूरदर्शी बयान दिया है। तेहरान में आयोजित एक उच्चस्तरीय शैक्षणिक और राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति पेजेशकियान ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बाहरी दुश्मनों के लगातार हमलों और चुनौतियों से अपने देश को सुरक्षित रखने के लिए अब पारंपरिका तरीकों से आगे बढ़कर अत्याधुनिक तकनीकों को अपनाना सबसे अनिवार्य आवश्यकता बन चुका है। उन्होंने जोर देकर कहा कि तकनीक और विज्ञान के बिना कोई भी राष्ट्र अपनी संप्रभुता की रक्षा लंबे समय तक नहीं कर सकता है, और इसके लिए देश की शिक्षा व्यवस्था तथा बच्चों की नींव को मजबूत करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

बच्चों की शिक्षा और भविष्य की सुरक्षा पर ईरान का विशेष फोकस, वैज्ञानिक प्रगति ही असली ढाल

राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने अपने संबोधन में इस बात पर विशेष प्रकाश डाला कि आने वाला कल पूरी तरह से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा, और उच्च तकनीकी अनुसंधान पर आधारित होगा। उन्होंने कहा कि ईरान के बच्चों और युवाओं को आधुनिक शिक्षा से लैस करना ही दुश्मन के हर कुप्रयास का सबसे बड़ा और करारा जवाब है। जब देश की युवा पीढ़ी तकनीकी रूप से दक्ष होगी, तभी देश की सीमाएं और रक्षा तंत्र अपने आप अभेद्य बन सकेंगे। उन्होंने शिक्षा संस्थानों और वैज्ञानिकों का आह्वान किया कि वे देश के सामने आ रही रक्षात्मक और तकनीकी चुनौतियों से निपटने के लिए नए और स्वदेशी अनुसंधान शुरू करें, ताकि बाहरी प्रतिबंधों या हमलों का देश की अर्थव्यवस्था और जनजीवन पर न्यूनतम प्रभाव पड़े।

पश्चिम एशिया के बढ़ते तनाव के बीच ईरानी नेतृत्व की नई रणनीति, आत्मनिर्भरता पर जोर

वर्तमान समय में पश्चिम एशिया के हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं और ईरान को लगातार पश्चिमी देशों तथा क्षेत्रीय प्रतिद्वंदियों के साथ सामरिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे दौर में ईरानी राष्ट्रपति द्वारा रक्षा, तकनीक और बच्चों की शिक्षा को जोड़कर देखना देश की नीति में एक बड़े बदलाव का संकेत देता है। विश्लेषकों का मानना है कि ईरान अब केवल पारंपरिक हथियारों पर निर्भर रहने के बजाय अपनी तकनीक को अपग्रेड करने और डिफेंस टेक में आत्मनिर्भरता हासिल करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। राष्ट्रपति पेजेशकियान का यह बयान यह भी दर्शाता है कि ईरान सरकार यह अच्छी तरह समझ चुकी है कि भविष्य के युद्ध केवल हथियारों से नहीं, बल्कि तकनीकी श्रेष्ठता और ज्ञान के बल पर लड़े और जीते जाएंगे।

स्कूलों और विश्वविद्यालयों में तकनीकी पाठ्यक्रम सुधारने के निर्देश, युवाओं को मिल रहा बढ़ावा

ईरानी राष्ट्रपति ने देश के शिक्षा मंत्रालय और विश्वविद्यालयों को निर्देश दिए हैं कि वे पाठ्यक्रम में आधुनिक विज्ञान और तकनीकी शोध को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि देश के दूर-दराज के इलाकों और ग्रामीण स्कूलों में भी बच्चों को उच्च स्तरीय शिक्षा और डिजिटल संसाधनों तक पहुंच मिलनी चाहिए ताकि कोई भी बच्चा पीछे न छूटे। सरकार का मानना है कि प्रतिभावान बच्चों को सही समय पर सही वैज्ञानिक मार्गदर्शन मिलने से देश में तकनीकी विशेषज्ञों की एक मजबूत फौज तैयार होगी जो न केवल देश के औद्योगिक विकास को गति देगी बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में भी मील का पत्थर साबित होगी। ईरान में पिछले कुछ वर्षों से तकनीकी और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में युवाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए कई नई छात्रवृत्ति योजनाएं भी शुरू की गई हैं।

वैश्विक प्रतिबंधों के बावजूद वैज्ञानिक आत्मनिर्भरता की ओर कदम, ईरान का दृढ़ संकल्प

अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबंधों और आर्थिक दबावों के बावजूद ईरान ने पिछले कुछ दशकों में विज्ञान, अंतरिक्ष अनुसंधान, मिसाइल तकनीक और चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। राष्ट्रपति पेजेशकियान के इस नए विजन से यह स्पष्ट हो गया है कि तेहरान प्रशासन बाहरी दबावों के आगे झुकने के बजाय अपनी आंतरिक क्षमताओं, वैज्ञानिक प्रतिभाओं और शैक्षिक ढांचे को मजबूत करने के मार्ग पर पूरी दृढ़ता से आगे बढ़ेगा। बच्चों और शिक्षा के विकास को राष्ट्रीय सुरक्षा का पर्याय बताते हुए उन्होंने देशवासियों से एकजुट होकर इस वैज्ञानिक और तकनीकी महायज्ञ में अपना योगदान देने की अपील की है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को एक सुरक्षित, समृद्ध और आत्मनिर्भर ईरान सौंपा जा सके।