तेहरान के आसमान में रहस्यमयी रोशनी: 50 साल पुराना ऐतिहासिक संयोग या युद्ध के बीच नई सैन्य तकनीक
मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच गहराते युद्ध संकट के बीच ईरान की राजधानी तेहरान के आसमान में एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। तेहरान के ऊपर रात के अंधेरे में अलग-अलग रंगों की चमकीली रोशनी (RGB Lights) वाला एक अज्ञात उड़ता हुआ ऑब्जेक्ट (Unidentified Flying Object / UFO) मंडराता दिखाई दिया। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो तेजी से वायरल होते ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तरह-तरह की अटकलें शुरू हो गई हैं। कई लोग इसे इजरायल या अमेरिका का कोई गुप्त जासूसी विमान या एडवांस्ड ड्रोन मान रहे हैं, तो वहीं रक्षा विशेषज्ञों और इतिहासकारों का ध्यान ठीक 50 साल पुराने उस हैरान कर देने वाले संयोग पर चला गया है, जिसने कभी पूरी दुनिया को चौंका दिया था।
तेहरान के ऊपर रहस्यमयी ऑब्जेक्ट: वीडियो सामने आते ही मची खलबली
सामने आए वीडियो में तेहरान के आज़ादगान एक्सप्रेसवे के ऊपर रात के समय एक अर्ध-गोलाकार और बहुरंगी रोशनियों से लैस वस्तु को धीमी गति से तैरते हुए देखा गया। चश्मदीदों द्वारा बनाए गए वीडियो में कभी यह रोशनी नीली, कभी हरी और कभी नारंगी रंग में बदलती दिख रही है।
अभी तक ईरान की सरकार या सेना (IRGC) ने आधिकारिक तौर पर इस अज्ञात विमान या वस्तु को किसी खतरे के रूप में चिन्हित नहीं किया है और न ही इसकी वास्तविक ऊंचाई, गति अथवा आकार को लेकर कोई औपचारिक बयान दिया है। हालांकि, जंग के मुहाने पर खड़े देश के सबसे सुरक्षित हवाई क्षेत्र में इस तरह की अज्ञात हलचल ने सुरक्षा एजेंसियों और आम जनता के कान खड़े कर दिए हैं।
50 साल पुराना संयोग: जब 1976 में ईरान के लड़ाकू विमानों के सिस्टम हो गए थे फेल
इस रहस्यमयी घटना ने लोगों को ठीक 50 साल पुरानी उस चर्चित घटना की याद दिला दी है, जो दुनिया के सबसे प्रमाणित 'यूएफओ मामलों' में गिनी जाती है।
19 सितंबर 1976 को तेहरान के शेमीरान इलाके में ठीक इसी तरह एक अत्यधिक चमकीला अज्ञात ऑब्जेक्ट देखा गया था। उस समय ईरानी वायुसेना ने उसकी जांच और उसे मार गिराने के लिए दो F-4 फैंटम लड़ाकू विमान भेजे थे। अमेरिकी खुफिया एजेंसी (DIA) और राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (NSA) के सार्वजनिक किए गए दस्तावेजों के अनुसार, जब ईरानी पायलट परवेज जाफरी उस अज्ञात वस्तु के करीब पहुंचे और उस पर सिडविंडर मिसाइल दागने की कोशिश की, तो उनके विमान के सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, संचार प्रणाली और हथियार नियंत्रण तंत्र अचानक रहस्यमयी तरीके से जाम (Fail) हो गए थे। उस ऑब्जेक्ट से एक छोटी रोशनी अलग होकर विमान की ओर बढ़ी थी। विमान के वापस लौटने पर ही उसके सिस्टम ने काम करना शुरू किया था। 50 साल बाद सितंबर के उसी हफ्ते में तेहरान के आसमान में दोबारा ऐसी रोशनी दिखना लोगों के लिए एक अद्भूत और रहस्यमयी संयोग बन गया है।
क्या यह कोई जासूसी ड्रोन है या विदेशी सेना का गुप्त हथियार?
मौजूदा भू-राजनीतिक हालात को देखते हुए सैन्य विश्लेषक इसे किसी अलौकिक शक्ति के बजाय आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और जासूसी मिशनों से जोड़कर देख रहे हैं:
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एडवांस्ड स्टेल्थ ड्रोन: आशंका जताई जा रही है कि यह अमेरिका या इजरायल का कोई अत्याधुनिक निगरानी ड्रोन या स्वाम ड्रोन (Swarm Drones) हो सकता है, जो ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम की क्षमता और रडार रिस्पॉन्स को परखने के लिए भेजा गया हो।
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ईरान का अपना सीक्रेट हथियार: हाल ही में रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के प्रवक्ताओं ने दावा किया था कि ईरान के पास युद्ध के लिए ऐसी नई और गुप्त तकनीकें हैं जो दुनिया को चकित कर देंगी। कुछ लोग इसे ईरान का ही आंतरिक परीक्षण मान रहे हैं।
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रोशन पतंग या सामान्य लेड लाइट: इंटरनेट पर कई संशयवादी यह भी दावा कर रहे हैं कि यह कोई हाई-टेक हथियार या एलियन क्राफ्ट नहीं, बल्कि लेड लाइटों से सजी कोई रोशन पतंग या सामान्य नागरिक ड्रोन हो सकता है जिसे दूर से देखने पर रहस्यमयी समझ लिया गया।
युद्ध के साये में बढ़ा मनोवैज्ञानिक दबाव
चाहे वह कोई एडवांस्ड सैन्य ड्रोन हो या कोई तकनीकी भ्रम, इस घटना ने तेहरान और पूरे पश्चिम एशिया में फैले तनाव को और अधिक गहरा कर दिया है। ईरान और अमेरिका के बीच लगातार तीखी चेतावनियों का आदान-प्रदान हो रहा है और नागरिक उड़ानों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। ऐसे नाजुक दौर में राजधानी के आसमान में अज्ञात वस्तु का यूं बेखौफ मंडराना देश के एयर डिफेंस और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है, जिसने 50 साल पुराने उस अनसुलझे रहस्य को फिर से जिंदा कर दिया है।