Prabhat Vaibhav,Digital Desk : जयपुर के सवाई मान सिंह अस्पताल (एसएमएस अस्पताल) के ट्रॉमा सेंटर में रविवार देर रात भीषण आग लग गई। आग की लपटें तेजी से दूसरी मंजिल पर स्थित आईसीयू वार्ड तक फैल गईं, जिससे पूरे अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। घटना के समय आईसीयू में 24 मरीज भर्ती थे। आग की लपटें देखकर आईसीयू वार्ड के बाहर मौजूद अस्पताल कर्मचारी और तीमारदार तुरंत हरकत में आए और मरीजों को उनके बिस्तरों सहित बाहर निकालना शुरू कर दिया।
इस घटना में कम से कम छह मरीज़ों की दम घुटने से मौत हो गई और कई अन्य की हालत गंभीर है। एसएमएस अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर के प्रभारी अनुराग धाकड़ ने बताया, "ट्रॉमा सेंटर में दूसरी मंजिल पर दो आईसीयू हैं। एक ट्रॉमा आईसीयू और एक सेमी-आईसीयू है। 24 मरीज़ भर्ती थे। ट्रॉमा आईसीयू में 11 और सेमी-आईसीयू में 13 मरीज़ भर्ती थे। ट्रॉमा आईसीयू में शॉर्ट सर्किट हुआ और आग तेज़ी से फैल गई। ज़्यादातर गंभीर मरीज़ बेहोश थे।"
पांच अन्य मरीजों की हालत गंभीर है।
ट्रॉमा सेंटर प्रभारी ने बताया, "हमारी ट्रॉमा सेंटर टीम, हमारे नर्सिंग ऑफिसर और वार्ड बॉय ने तुरंत उन्हें बचाया और आईसीयू से ज़्यादा से ज़्यादा मरीज़ों को बाहर निकाला। उनमें से छह की हालत गंभीर थी। हमने सीपीआर के ज़रिए उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। पाँच मरीज़ों की हालत अभी भी गंभीर है। मृतकों में दो महिलाएँ और चार पुरुष शामिल हैं। उनकी पहचान पिंटू (सीकर), दिलीप (आंधी), श्रीनाथ (भरतपुर), रुक्मणी (भरतपुर), खुश्मा (भरतपुर) और बहादुर (सांगानेर) के रूप में हुई है।"
कई गंभीर मरीजों को तुरंत दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट किया गया। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें मरीज एसएमएस अस्पताल के बाहर सड़क पर ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ बेड पर लेटे हुए दिखाई दे रहे हैं। अस्पताल प्रशासन और दमकल विभाग की टीमों ने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। सूचना मिलने पर दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुँचीं और आग पर काबू पाया। स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीमें भी मौजूद थीं।
घटना की सूचना मिलने पर राजस्थान सरकार के मंत्री किरोड़ी लाल मीणा और कांग्रेस विधायक रफीक खान देर रात एसएमएस अस्पताल पहुँचे और स्थिति का जायजा लिया। इस घटना के बाद, पूरे अस्पताल परिसर में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण शुरू कर दिया गया है। जयपुर स्थित एसएमएस मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल राजस्थान के सबसे पुराने और प्रमुख सरकारी चिकित्सा संस्थानों में से एक है। इस अस्पताल में 6,250 से ज़्यादा बिस्तर हैं और लगभग सभी बड़ी बीमारियों का इलाज होता है।
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