Prabhat Vaibhav,Digital Desk : नेशनल हाईवे (National Highway) पर सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए यह खबर बेहद महत्वपूर्ण है। आगामी 10 अप्रैल 2026 की रात 12 बजे से देश भर के टोल प्लाजा पर नकद भुगतान (Cash Payment) की व्यवस्था पूरी तरह समाप्त कर दी जाएगी। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की नई अधिसूचना के अनुसार, अब टोल नाकों पर केवल डिजिटल ट्रांजैक्शन ही स्वीकार किए जाएंगे।
1. नकद भुगतान और 'फ्री पास' पर लगा ताला
नई व्यवस्था के तहत अब टोल पर कैश लेन-देन बीते जमाने की बात हो जाएगी। सबसे बड़ा बदलाव सरकारी अधिकारियों के लिए है; अब केवल पहचान पत्र (Identity Card) दिखाकर मुफ्त में टोल पार करने की सुविधा को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।
2. नियमों के उल्लंघन पर ई-चालान
यदि कोई वाहन चालक बिना डिजिटल भुगतान किए या नियमों को दरकिनार कर टोल बैरियर पार करने की कोशिश करता है, तो टोल पर लगे हाई-टेक कैमरों के जरिए वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर पर स्वतः ई-चालान (e-Challan) जारी हो जाएगा।
3. फास्टैग (FASTag) और UPI भुगतान के नए नियम
फास्टैग वाले सुरक्षित: जिन वाहनों पर सक्रिय फास्टैग लगा है, उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है। वे 20 किमी/घंटा की रफ्तार से बिना रुके टोल पार कर सकेंगे।
UPI पर अतिरिक्त शुल्क: यदि आप फास्टैग के बजाय मौके पर UPI (Google Pay, PhonePe आदि) से भुगतान करते हैं, तो आपको कुल टोल राशि पर 0.25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क देना होगा।
किसे मिलेगी टोल टैक्स से छूट?
पटना-बख्तियारपुर टोल प्लाजा के प्रबंधक प्रभाकर सिंह के अनुसार, छूट की श्रेणी में केवल निम्नलिखित वाहन शामिल होंगे:
एम्बुलेंस (Ambulance)
दमकल की गाड़ियाँ (Fire Brigade)
पुलिस वाहन (Police Vehicles)
पंजीकृत सरकारी विभागों के आधिकारिक वाहन
महत्वपूर्ण नोट: इन विभागों के अधिकारियों को भी अब अपनी निजी गाड़ियों पर आईडी दिखाकर छूट नहीं मिलेगी। केवल पंजीकृत सरकारी वाहनों को ही सिस्टम से छूट प्राप्त होगी।
क्यों लिया गया यह फैसला?
सरकार का मुख्य उद्देश्य टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों को खत्म करना और ईंधन की बचत करना है। डिजिटल भुगतान से पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होगी और यात्रियों के समय की बचत होगी। 10 अप्रैल की समय सीमा से पहले अपने फास्टैग को रिचार्ज करना सुनिश्चित करें ताकि आपकी यात्रा निर्बाध बनी रहे।




