Prabhat Vaibhav,Digital Desk : ताजनगरी में मेट्रो का सपना अब दूसरे कॉरिडोर के साथ तेजी से हकीकत में बदल रहा है। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) ने आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक के 16 किलोमीटर लंबे ट्रैक पर काम की रफ्तार दोगुनी कर दी है। इस प्रोजेक्ट का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा यमुना नदी पर बनने वाला 200 करोड़ रुपये का मेट्रो पुल है, जिसका निर्माण कार्य अब अपने निर्णायक दौर में पहुंच गया है।
यमुना पर बन रहा है इंजीनियरिंग का नमूना
आगरा की जीवनदायिनी यमुना नदी पर मेट्रो का विशेष पुल बनाया जा रहा है।
प्रगति: पुल के लिए निर्धारित कुल 7 पिलर समूहों में से 4 बनकर तैयार हो चुके हैं।
लागत: लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह पुल कालिंदी विहार और सिटी सेंटर के बीच की दूरी को सुगम बनाएगा।
तकनीक: नदी के भीतर गहरे पिलर और उनके ऊपर हैवी स्टील गर्डर्स रखने की तैयारी की जा रही है।
दो भागों में बंटा 16 KM का कॉरिडोर
दूसरे कॉरिडोर (Agra Cantt to Kalindi Vihar) को प्रबंधन की दृष्टि से दो मुख्य हिस्सों में विभाजित किया गया है:
पहला भाग: आगरा कैंट रेलवे स्टेशन से हरीपर्वत चौराहा तक।
दूसरा भाग: हरीपर्वत चौराहा से कालिंदी विहार तक।
वर्तमान में एमजी रोड (MG Road) पर अधिकांश मेट्रो स्टेशनों का ढांचा तैयार हो चुका है। अब पूरा फोकस नेशनल हाईवे-19 (NH-19) पर चल रहे निर्माण कार्यों पर शिफ्ट किया जा रहा है।
एक साल का लक्ष्य और मशीनों की संख्या में बढ़ोतरी
UPMRC ने इस एलीवेटेड ट्रैक को एक साल के भीतर पूरा करने का कड़ा लक्ष्य रखा है। इसके लिए:
रिग मशीनें: जमीन के भीतर पिलर बनाने वाली रिग मशीनों की संख्या बढ़ाई गई है।
इंटरचेंज स्टेशन: आगरा कॉलेज स्टेशन पर पहला कॉरिडोर (ताज पूर्वी गेट से सिकंदरा) और दूसरा कॉरिडोर आपस में मिलेंगे, जिससे यात्री आसानी से लाइन बदल सकेंगे।
गर्डर लॉन्चिंग: पिलर तैयार होते ही उनके ऊपर गर्डर (ट्रैक का आधार) रखने का काम शुरू किया जा रहा है।
NH-19 पर जाम से मिलेगी राहत: बैरिकेडिंग हटाने का काम शुरू
मेट्रो निर्माण के कारण हाईवे पर लगने वाले जाम को कम करने के लिए यूपीएमआरसी ने एक अच्छी पहल की है। आईएसबीटी (ISBT) से गुरु का ताल होते हुए सिकंदरा तिराहा तक जहां-जहां पिलर का काम पूरा हो चुका है, वहां से बैरिकेडिंग हटाई जा रही है। इससे सड़क की चौड़ाई बढ़ेगी और वाहन चालकों को आवागमन में सुविधा होगी।
आगरा मेट्रो फेज-2 की मुख्य विशेषताएं:
कुल लंबाई: 16 किलोमीटर।
रूट: एलीवेटेड (ऊपर से गुजरने वाला)।
प्रमुख स्टेशन: भगवान टॉकीज, आगरा कॉलेज, आगरा कैंट, कालिंदी विहार।
कनेक्टिविटी: यह कॉरिडोर शहर के प्रमुख शिक्षण संस्थानों, बस अड्डों और रेलवे स्टेशन को आपस में जोड़ेगा।




