Prabhat Vaibhav, Digital Desk : मिडिल ईस्ट में मचे घमासान के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा कूटनीतिक दांव खेला है। ट्रंप ने घोषणा की है कि वे ईरान के साथ जारी सीजफायर (संघर्षविराम) को अनिश्चित काल के लिए बढ़ा रहे हैं। यह फैसला पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर के विशेष अनुरोध पर लिया गया है। हालांकि, इस 'शांति' के पीछे छिपा 'तनाव' कम होने का नाम नहीं ले रहा है, क्योंकि ईरान ने इस विस्तार को 'अमेरिकी चाल' बताकर ठुकरा दिया है।
ट्रंप का 'ट्रुथ सोशल' पर ऐलान: पाकिस्तान की अपील आई काम!
राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया कि उन्होंने यह कदम ईरान के 'खंडित नेतृत्व' को एक संयुक्त और ठोस प्रस्ताव तैयार करने का समय देने के लिए उठाया है। ट्रंप ने लिखा:
"पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के अनुरोध पर, हम ईरान पर अपना हमला तब तक रोक रहे हैं जब तक उनके नेता एक साझा प्रस्ताव नहीं लाते। लेकिन हमारी सेना 'नाकेबंदी' जारी रखेगी और किसी भी स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार है।"
होर्मुज जलडमरूमध्य: समंदर में छिड़ी 'जंग'
भले ही आसमान से बमबारी रुकी हो, लेकिन समंदर में तनाव चरम पर है।
अमेरिकी नाकेबंदी: ट्रंप ने साफ कर दिया है कि ईरान के बंदरगाहों की नौसैनिक घेराबंदी जारी रहेगी। अमेरिका का तर्क है कि जब तक ईरान परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय स्थिरता पर झुक नहीं जाता, यह आर्थिक दबाव बना रहेगा।
ईरान का पलटवार: ईरान ने इस नाकेबंदी को 'युद्ध का कृत्य' (Act of War) करार दिया है। खबर है कि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से पूरी तरह बंद कर दिया है और वहां से गुजरने वाले जहाजों पर बिना चेतावनी फायरिंग की जा रही है।
तेल का संकट: इस रास्ते के बंद होने से दुनिया भर में कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित हो रही है, जिससे ईंधन की कीमतें बढ़ने का खतरा मंडरा रहा है।
जेडी वेंस की यात्रा रद्द, ईरान को 'बड़े हमले' का शक
शांति वार्ता में एक और बड़ा झटका तब लगा जब अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) ने अपनी प्रस्तावित पाकिस्तान यात्रा अनिश्चित काल के लिए रद्द कर दी। व्हाइट हाउस का कहना है कि वे ईरान की ओर से किसी स्पष्ट संकेत का इंतजार कर रहे हैं।
दूसरी ओर, ईरानी संसद के सलाहकार महदी मोहम्मदी ने ट्रंप के इस कदम को एक 'धोखा' बताया है। तेहरान का मानना है कि अमेरिका सीजफायर के नाम पर समय निकाल रहा है ताकि वह अचानक कोई बड़ा सैन्य हमला (Surprise Strike) कर सके।




