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Prabhat Vaibhav,Digital Desk :  पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपने योद्धाओं के नाम का ऐलान कर सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। पार्टी ने सोमवार को उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की, जिसमें 144 प्रत्याशियों के नामों पर मुहर लगाई गई है। इस लिस्ट में सबसे चौंकाने वाला और बड़ा नाम शुभेंदु अधिकारी का है, जिन्हें पार्टी ने एक साथ दो हाई-प्रोफाइल सीटों— नंदीग्राम और भवानीपुर से मैदान में उतारकर मुकाबले को बेहद दिलचस्प बना दिया है।

नंदीग्राम और भवानीपुर से शुभेंदु ठोकेंगे ताल

भाजपा ने अपनी पहली सूची में कद्दावर नेताओं पर बड़ा दांव खेला है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का गढ़ माने जाने वाले भवानीपुर और पिछले चुनाव का सबसे चर्चित केंद्र रहे नंदीग्राम, दोनों ही सीटों से शुभेंदु अधिकारी चुनाव लड़ेंगे। पार्टी के इस फैसले को ममता बनर्जी के खिलाफ भाजपा की बड़ी घेराबंदी के तौर पर देखा जा रहा है। वहीं, प्रदेश इकाई के अनुभवी नेता दिलीप घोष को उनकी परंपरागत सीट खड़गपुर सदर से दोबारा टिकट देकर पार्टी ने अपने पुराने कैडर को भी साधने की कोशिश की है।

दो चरणों के रण के लिए भाजपा की 'फर्स्ट ग्रेड' तैयारी

चुनाव आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार, पश्चिम बंगाल में इस बार चुनावी मुकाबला दो चरणों में संपन्न होगा। प्रदेश की जनता 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को अपने मताधिकार का प्रयोग करेगी। भाजपा की इस पहली सूची में उन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है जहाँ पहले और दूसरे चरण के दौरान मतदान होना है। टिकट वितरण में जातीय समीकरणों के साथ-साथ उन चेहरों को प्राथमिकता दी गई है जो स्थानीय स्तर पर खासी पैठ रखते हैं।

बंगाल की सत्ता के लिए शुरू हुआ महामुकाबला

पहली सूची जारी होने के साथ ही बंगाल में सियासी सरगर्मियां चरम पर पहुँच गई हैं। शुभेंदु अधिकारी का दो सीटों से लड़ना यह संकेत देता है कि भाजपा इस बार कोई भी कसर बाकी नहीं छोड़ना चाहती। पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने साफ कर दिया है कि बंगाल में 'परिवर्तन' के संकल्प को पूरा करने के लिए मज़बूत और जिताऊ उम्मीदवारों को ही तवज्जो दी गई है। अब देखना यह होगा कि भाजपा के इन दिग्गजों के जवाब में सत्तारूढ़ दल अपनी क्या रणनीति अपनाता है।