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Prabhat Vaibhav, Digital Desk : बिहार की मेधा ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी चमक बिखेरी है। भागलपुर जिले के कहलगांव की रहने वाली होनहार छात्रा जॉली कुमारी ने वाणिज्य (M.Com) में सर्वोच्च अंक प्राप्त कर स्वर्ण पदक (Gold Medal) अपने नाम किया है। कर्नाटक केंद्रीय विश्वविद्यालय के 10वें दीक्षांत समारोह में जॉली को इस गौरवपूर्ण सम्मान से नवाजा गया, जिससे न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे बिहार का नाम रोशन हुआ है।

उपराष्ट्रपति के हाथों मिला सम्मान: 'वेल डन' की गूंज

कर्नाटक में आयोजित भव्य दीक्षांत समारोह के दौरान मुख्य अतिथि और देश के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने जॉली कुमारी को स्वर्ण पदक और प्रमाण पत्र प्रदान किया। मेडल पहनाते समय उपराष्ट्रपति ने जॉली की पीठ थपथपाते हुए 'Well Done' कहकर उनकी सराहना की। इस ऐतिहासिक पल के गवाह कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत और विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सत्य नारायण भी बने।

मेहनत और लगन से हासिल किया मुकाम

जॉली कुमारी कहलगांव के विनोद पांडे और अल्पना पांडे की सुपुत्री हैं। एक साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर कर्नाटक के केंद्रीय विश्वविद्यालय में टॉप करना जॉली के कड़े अनुशासन और समर्पण का परिणाम है। जॉली की इस सफलता पर उनके परिजनों का कहना है कि उसने दिन-रात पढ़ाई में मेहनत की थी और आज उसकी लगन ने पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित कर दिया है।

कहलगांव में जश्न का माहौल

जॉली की इस उपलब्धि की खबर जैसे ही भागलपुर और उनके पैतृक शहर कहलगांव पहुंची, वहां खुशी की लहर दौड़ गई। परिजनों और शुभचिंतकों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी। राहुल कुमार, नितिन पांडे और क्षेत्र के अन्य गणमान्य लोगों ने इसे गौरवपूर्ण क्षण बताते हुए कहा कि जॉली ने साबित कर दिया है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो संसाधन बाधा नहीं बनते।

छात्रों के लिए बनीं प्रेरणा

शिक्षा जगत से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि जॉली कुमारी की यह उपलब्धि अन्य छात्र-छात्राओं, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में इस तरह का प्रदर्शन यह दर्शाता है कि बिहार के युवा देश के किसी भी कोने में जाकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने में सक्षम हैं। जॉली की नजरें अब अपने करियर में नए आयाम स्थापित करने और समाज सेवा की दिशा में कदम बढ़ाने पर टिकी हैं।