Prabhat Vaibhav, Digital Desk : बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आगामी 1 मई को मोक्ष की नगरी गयाजी और भगवान बुद्ध की ज्ञानस्थली बोधगया के एक दिवसीय दौरे पर रहेंगे। मुख्यमंत्री के इस दौरे का मुख्य एजेंडा गया और बोधगया के कायाकल्प के लिए प्रस्तावित दो बड़े प्रोजेक्ट्स—विष्णुपद कॉरिडोर और महाबोधि कॉरिडोर—की समीक्षा करना है। इस यात्रा के दौरान सीएम विष्णुपद मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना भी करेंगे, जिसे लेकर जिला प्रशासन हाई अलर्ट पर है।
कॉरिडोर प्रोजेक्ट्स का 'फाइनल ब्लूप्रिंट' तैयार
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री बोधगया स्थित राज्य अतिथि निवास में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक करेंगे। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी ने पटना में इन कॉरिडोर के विभिन्न मॉडल्स और प्रोजेक्ट्स की शुरुआती समीक्षा की थी। माना जा रहा है कि 1 मई की बैठक में इन दोनों महात्वाकांक्षी कॉरिडोर के अंतिम मॉडल पर मुहर लग जाएगी, जिसके बाद निर्माण और सौंदर्यीकरण की प्रक्रिया धरातल पर शुरू होगी।
विष्णुपद मंदिर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुए सोमवार को वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) सुशील कुमार और नगर पुलिस अधीक्षक (City SP) कोटा किरण कुमार ने विष्णुपद मंदिर का दौरा किया।
सुरक्षा ऑडिट: पुलिस अधिकारियों ने मंदिर के प्रवेश और निकास द्वारों, गर्भगृह, देवघाट और मंदिर के गलियारों का गहन निरीक्षण किया।
सख्ती: मंदिर के आसपास स्थित दुकानों, होटलों और धर्मशालाओं की बारीकी से जांच करने के आदेश दिए गए हैं।
भीड़ प्रबंधन: बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए यातायात और पार्किंग व्यवस्था को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
आध्यात्मिक पर्यटन का बनेगा वैश्विक हब
विष्णुपद कॉरिडोर और महाबोधि कॉरिडोर का निर्माण वाराणसी के काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर किए जाने की योजना है।
विष्णुपद कॉरिडोर: इसका उद्देश्य फल्गु नदी के तट और मंदिर परिसर को भव्य बनाना है ताकि पिंडदान और पूजा के लिए आने वाले तीर्थयात्रियों को विश्व स्तरीय सुविधाएं मिल सकें।
महाबोधि कॉरिडोर: बोधगया आने वाले अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए परिसर का विस्तार और सौंदर्यीकरण इस प्रोजेक्ट का मुख्य हिस्सा है।
मुख्यमंत्री का यह दौरा गया और बोधगया के निवासियों के लिए विकास की नई उम्मीदें लेकर आ रहा है। कॉरिडोर प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी मिलने के बाद न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।




