Prabhat Vaibhav,Digital Desk : पश्चिम एशिया के युद्ध के बीच देश में गहराते गैस संकट को देखते हुए केंद्र सरकार अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। बेंगलुरु और मुंबई जैसे शहरों में होटलों की तालाबंदी की खबरों के बीच पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक बड़ा हस्तक्षेप किया है। सरकार ने न केवल तेल रिफाइनरियों को एलपीजी (LPG) का उत्पादन युद्धस्तर पर बढ़ाने का आदेश दिया है, बल्कि होटल-रेस्टोरेंट इंडस्ट्री की समस्याओं को सुलझाने के लिए एक विशेष कमेटी का भी गठन कर दिया है।
तीन दिग्गजों की समिति तय करेगी गैस का कोटा
होटल और रेस्टोरेंट एसोसिएशनों की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों (OMCs) के तीन कार्यकारी निदेशकों (Executive Directors) की एक हाई-पावर कमेटी बनाई है। यह समिति समीक्षा करेगी कि मौजूदा संकट के बीच कमर्शियल सेक्टर को कितनी गैस आवंटित की जा सकती है। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि खाद्य उद्योग पूरी तरह ठप न हो और आम जनता को खाने-पीने की किल्लत का सामना न करना पड़े।
सोशल मीडिया पर मंत्रालय का बड़ा ऐलान
पेट्रोलियम मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि वैश्विक भू-राजनीतिक उथल-पुथल के कारण ईंधन की सप्लाई प्रभावित हुई है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि रिफाइनरियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने कच्चे तेल के प्रसंस्करण (Processing) से निकलने वाली एलपीजी की मात्रा को अधिकतम करें। साथ ही, किसी भी अतिरिक्त उत्पादन को सबसे पहले घरेलू उपयोग और आवश्यक सेवाओं की ओर मोड़ने का आदेश दिया गया है।
अस्पतालों और स्कूलों को मिलेगी प्राथमिकता
मौजूदा स्थिति में सरकार ने प्राथमिकता की एक नई सूची तैयार की है। इसके तहत सबसे पहले घरेलू उपभोक्ताओं के घरों में सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है। दूसरे नंबर पर अस्पताल, हॉस्टल और शैक्षणिक संस्थानों जैसे आवश्यक गैर-घरेलू क्षेत्रों को रखा गया है। इन संस्थानों को आयातित एलपीजी (Imported LPG) की सप्लाई में वरीयता दी जा रही है। मंत्रालय ने यह भी साफ किया है कि कागजों पर कमर्शियल सप्लाई पर कोई आधिकारिक प्रतिबंध नहीं है, हालांकि जमीनी स्तर पर स्टॉक की कमी से जूझ रहे डीलरों को मैनेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
कालाबाजारी पर लगाम: 25 दिन का नया नियम
गैस की किल्लत का फायदा उठाकर जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों पर नकेल कसने के लिए सरकार ने सख्ती बढ़ा दी है। अब एक सिलेंडर की रीफिल बुकिंग के बाद उपभोक्ता अगले 25 दिनों तक दूसरी बुकिंग नहीं कर पाएंगे। इस नियम का मकसद पैनिक बुकिंग को रोकना और यह सुनिश्चित करना है कि गैस का स्टॉक सभी जरूरतमंदों तक समान रूप से पहुँच सके। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि वे अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और जल्द ही आपूर्ति सामान्य कर ली जाएगी।




