Prabhat Vaibhav,Digital Desk : पंजाब की राजनीति और कानूनी गलियारों से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। मनजिंदर सिंह लालपुरा को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से वर्ष 2013 के एक पुराने मारपीट और एससी-एसटी (SC-ST) एक्ट मामले में बड़ी राहत मिली है। अदालत ने निचली अदालत (ट्रायल कोर्ट) द्वारा सुनाई गई दोषसिद्धि और सजा के फैसले को रद्द करते हुए लालपुरा सहित अन्य सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। 11 साल तक चली लंबी कानूनी लड़ाई के बाद, आपसी समझौते ने इस मामले की दिशा पूरी तरह बदल दी।
2013 का विवाद: मारपीट और गंभीर धाराओं का मामला
यह मामला वर्ष 2013 का है, जब मनजिंदर सिंह लालपुरा और उनके साथियों पर एक महिला के साथ मारपीट करने और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने के आरोप लगे थे। पुलिस ने इस मामले में आईपीसी की संबंधित धाराओं और एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। लंबी सुनवाई के बाद, ट्रायल कोर्ट ने सबूतों के आधार पर लालपुरा और अन्य आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई थी।
हाई कोर्ट में 'समझौते' ने बदली तस्वीर
निचली अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए आरोपियों ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट के संज्ञान में यह बात आई कि पीड़ित पक्ष और आरोपियों के बीच अब मतभेद खत्म हो चुके हैं और दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से समझौता (Compromise) कर लिया है। अदालत ने इस तथ्य को गंभीरता से लिया और माना कि जब पक्षकार खुद विवाद खत्म करना चाहते हैं, तो मामले को आगे खींचना उचित नहीं है।
कोर्ट का रुख: "न्याय के हित में विवाद खत्म करना जरूरी"
हाई कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि समझौते की परिस्थितियों को देखते हुए अब ट्रायल कोर्ट का पिछला फैसला बरकरार रखने का कोई औचित्य नहीं रह जाता। अदालत ने कहा कि जहाँ दोनों पक्ष आपसी शांति और सद्भाव के साथ विवाद सुलझा चुके हों, वहां न्यायिक विवेक का इस्तेमाल करते हुए राहत दी जानी चाहिए। इसी आधार पर कोर्ट ने सजा को निरस्त कर दिया, जिससे लालपुरा और अन्य की रिहाई का रास्ता साफ हो गया।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज
मनजिंदर सिंह लालपुरा के लिए यह फैसला एक बड़ी संजीवनी की तरह देखा जा रहा है। 11 साल पुराने इस कानूनी बोझ के हटने से न केवल उन्हें व्यक्तिगत राहत मिली है, बल्कि उनके सार्वजनिक जीवन में भी एक बड़ी बाधा दूर हो गई है। कानूनी औपचारिकताएं पूरी होते ही इस मामले से जुड़े सभी लोग पूरी तरह मुक्त हो जाएंगे।




