Prabhat Vaibhav, Digital Desk : पंजाब की सियासत में राज्यसभा सांसदों के पाला बदलने के बाद पैदा हुए सियासी घमासान के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान ने हुंकार भरी है। सीएम मान ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि आम आदमी पार्टी (AAP) के पास 94 विधायकों का प्रचंड बहुमत है और कुछ राज्यसभा सदस्यों के भाजपा में जाने से सरकार की सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला। उन्होंने दावा किया कि पार्टी का हर एक विधायक चट्टान की तरह एकजुट है और भाजपा की 'दबाव की राजनीति' पंजाब में सफल नहीं होगी।
विधायकों की एकजुटता पर बोले मान— 'जरूरत पड़ी तो साबित करेंगे बहुमत'
जालंधर में पार्टी प्रभारी मनीष सिसोदिया की अध्यक्षता में हुई ऑब्जर्वर्स की बैठक को ऑनलाइन संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने उन अफवाहों पर विराम लगा दिया, जिनमें आप विधायकों के भाजपा के संपर्क में होने की बात कही जा रही थी। चंडीगढ़ में पत्रकारों से बात करते हुए मान ने कहा, "अगर किसी को शक है, तो हम विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव लाकर अपना बहुमत फिर से साबित कर देंगे।" उन्होंने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि जनता के जनादेश को 'चोरी' करने की कोशिशें नाकाम होंगी।
मनीष सिसोदिया का आरोप: एजेंसियों का डर दिखाकर डरा रही भाजपा
बैठक के बाद मनीष सिसोदिया ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि विपक्षी नेताओं को ईडी (ED) और सीबीआई (CBI) जैसी केंद्रीय एजेंसियों का डर दिखाकर पाला बदलने के लिए मजबूर किया जा रहा है। सिसोदिया ने कहा कि भाजपा अफवाह फैलाकर भ्रम पैदा करना चाहती है, लेकिन 'आप' के योद्धा डगमगाने वाले नहीं हैं। वहीं, कैबिनेट मंत्री और प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने कहा कि यह बैठक आगामी चुनाव की ट्रेनिंग के लिए थी और इसका राघव चड्ढा के पार्टी छोड़ने से कोई लेना-देना नहीं है।
5 मई को राष्ट्रपति से मिलेंगे सीएम मान, उठाएंगे संवैधानिक मुद्दा
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने घोषणा की है कि वह 5 मई को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा कि 7 राज्यसभा सदस्यों (जिनमें राघव चड्ढा, हरभजन सिंह और संदीप पाठक जैसे नाम शामिल हैं) का अचानक भाजपा में जाना जनता के भरोसे के साथ धोखा है। मान ने कहा, "जिन लोगों को जनता ने उच्च सदन में भेजा, उनका इस तरह दल बदलना एक गंभीर संवैधानिक विषय है। हम राष्ट्रपति के समक्ष जनादेश के अपमान का मुद्दा उठाएंगे और सभी कानूनी विकल्पों पर विचार करेंगे।"
जालंधर में जुटे 15 हजार ऑब्जर्वर
जालंधर के सिटी इंस्टीट्यूट में हुई इस अहम बैठक में पंजाब भर से पार्टी के लगभग 15 हजार ऑब्जर्वर शामिल हुए। हालांकि चर्चा थी कि बैठक में सांसदों के जाने पर मंथन होगा, लेकिन नेताओं ने इसे रूटीन सांगठनिक बैठक बताया। पार्टी का पूरा फोकस अब संगठन को नीचे तक मजबूत करने और भाजपा के 'ऑपरेशन लोटस' के खिलाफ जनता के बीच जाने पर है।




