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Prabhat Vaibhav, Digital Desk : पटियाला के राजपुरा (शंभू) में रेलवे ट्रैक उड़ाने की नाकाम साजिश के बाद पंजाब का सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। एक तरफ जहां मान सरकार ने दोषियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई का भरोसा दिया है, वहीं विपक्ष ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान की घेराबंदी शुरू कर दी है। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश की शांति भंग करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

हरपाल चीमा का आश्वासन: जांच के घेरे में है पूरी साजिश

मंगलवार को मीडिया से मुखातिब होते हुए कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पटियाला में हुई यह घटना बेहद गंभीर है। उन्होंने बताया कि पंजाब पुलिस और खुफिया एजेंसियां (Intelligence Agencies) इस मामले की तह तक जाने के लिए हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही हैं। चीमा ने आश्वासन दिया, "जो भी इस धमाके के पीछे है या जिसने इस साजिश को रचने में मदद की है, उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पंजाब में आतंक की वापसी का कोई भी प्रयास सफल नहीं होने दिया जाएगा।"

विपक्ष का हमला: 'गंभीर नहीं है मान सरकार'

इस घटना को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर आरोप लगाया कि वह राज्य की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं हैं। रंधावा ने कहा, "पिछले तीन महीनों में यह दूसरी बार है जब रेलवे ट्रैक को निशाना बनाने की कोशिश की गई है। यह एक व्यस्त मार्ग है और यदि यह साजिश सफल हो जाती, तो सैकड़ों जानें जा सकती थीं। मुख्यमंत्री को पंजाब की सुरक्षा की परवाह नहीं है।" उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि इस मामले की जांच तुरंत NIA (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) को सौंप देनी चाहिए।

राजा वारिंग ने सरकार की प्राथमिकता पर उठाए सवाल

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने भी 'आप' सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी की सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने के बजाय अपनी सत्ता बचाने और निजी हितों को साधने में व्यस्त है। वारिंग ने कहा कि जब सीमावर्ती राज्य में रेलवे ट्रैक जैसे संवेदनशील स्थानों को निशाना बनाया जा रहा है, तब सरकार की ओर से ठोस सुरक्षा रणनीति का अभाव नजर आ रहा है।

जांच में जुटी टीमें: वैज्ञानिक सबूतों की तलाश

पटियाला एसएसपी वरुण शर्मा के मुताबिक, पुलिस टीमें जीआरपी (GRP) और आरपीएफ (RPF) के साथ मिलकर ज्वाइंट ऑपरेशन चला रही हैं। घटनास्थल से वैज्ञानिक सबूत इकट्ठा किए जा रहे हैं। प्राथमिक जांच में इसे 'धमाका करने की कोशिश' बताया गया है, जिसमें साजिशकर्ता खुद मारा गया। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि मारे गए व्यक्ति के संपर्क किन संगठनों से थे और उसे विस्फोटक कहां से उपलब्ध हुए।