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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को गोरखपुर के गीडा (गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण) में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के नए केंद्र का भव्य उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि पूर्वी उत्तर प्रदेश अब केवल खेती और भारी उद्योगों के लिए ही नहीं, बल्कि सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और सॉफ्टवेयर स्टार्टअप के क्षेत्र में भी वैश्विक मंच पर अपनी धमक दिखाएगा। वासन्तिक नवरात्रि की अष्टमी के पावन अवसर पर शुरू हुआ यह केंद्र क्षेत्र के हजारों युवाओं के सपनों को 'डिजिटल पंख' लगाने का काम करेगा।

क्या है STPI गोरखपुर और इसका 'प्लग एंड प्ले' मॉडल?

एसटीपीआई का यह सेंटर गोरखपुर और आसपास के जिलों के तकनीकी युवाओं के लिए एक 'इनक्यूबेशन हब' के रूप में कार्य करेगा।

प्लग एंड प्ले मॉडल: मुख्यमंत्री ने बताया कि यहां युवाओं को स्टार्टअप शुरू करने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर की चिंता नहीं करनी होगी। वे अपना कंप्यूटर लेकर आएंगे और उन्हें हाई-स्पीड इंटरनेट, निर्बाध बिजली और कार्यस्थल (Workstation) जैसी सभी सुविधाएं तैयार मिलेंगी।

स्टार्टअप संस्कृति: वर्तमान में यूपी में 20 हजार से अधिक स्टार्टअप सक्रिय हैं, जिनमें से आधे महिलाओं द्वारा संचालित हैं। यह सेंटर इस संख्या को और बढ़ाने में मदद करेगा।

पूर्वी यूपी में शिक्षा और तकनीक का 'महाकुंभ'

मुख्यमंत्री ने आगामी योजनाओं का खाका खींचते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं:

सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE): 15 अप्रैल 2026 को महाराणा प्रताप इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MPIT) में पूर्वी यूपी के पहले सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का शुभारंभ होगा।

ग्रीन हाइड्रोजन एनर्जी: मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MMMUT) में 50 करोड़ रुपये की लागत से 'ग्रीन हाइड्रोजन एनर्जी' का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनेगा। इसके लिए जापान की उन्नत तकनीक का सहयोग लिया जाएगा।

एग्रीटेक पर जोर: विश्व बैंक के सहयोग से पूर्वी यूपी के 28 जिलों में एग्रीटेक स्टार्टअप को बढ़ावा दिया जा रहा है।

गोरखपुर में 1 लाख करोड़ का निवेश: बदल गई गीडा की सूरत

बीते नौ वर्षों में गोरखपुर के विकास की चर्चा करते हुए सीएम योगी ने बताया:

विशाल निवेश: गोरखपुर में अब तक 1 लाख करोड़ रुपये का निवेश हो चुका है, जिससे लाखों रोजगार सृजित हुए हैं।

गीडा की प्रगति: एक समय गीडा में मात्र 30 करोड़ का निवेश था, लेकिन पिछले 9 साल में 350 से अधिक नए उद्योग लगे हैं और 17 हजार करोड़ से ज्यादा का निवेश हुआ है।

विविध प्रोजेक्ट्स: गीडा में अब प्लास्टिक पार्क और फ्लैटेड फैक्ट्री जैसे मॉडल्स पर भी काम हो रहा है।

यूपी से सॉफ्टवेयर एक्सपोर्ट में 3 गुना उछाल

एसटीपीआई के महानिदेशक अरविंद कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में पिछले आठ वर्षों में उत्तर प्रदेश से सॉफ्टवेयर एक्सपोर्ट तीन गुना बढ़ गया है। गोरखपुर का यह केंद्र इस निर्यात को और गति देगा। वर्तमान में भारत का कुल सॉफ्टवेयर एक्सपोर्ट 19 लाख करोड़ रुपये का है, जिसमें यूपी की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है।

अन्य क्षेत्रों में भी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

सरकार प्रदेश की संभावनाओं के आधार पर विशिष्ट केंद्र विकसित कर रही है:

कानपुर: लेदर और ड्रोन टेक्नोलॉजी।

नोएडा/ग्रेटर नोएडा: रोबोटिक्स।

लखनऊ (SGPGI/IIT-K): मेडिटेक (Medical Technology)।