Prabhat Vaibhav,Digital Desk : उत्तर प्रदेश के कानपुर के व्यस्त इलाके काकादेव में शनिवार दोपहर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए बनाए गए एक स्टोर रूम में भीषण आग लग गई। आग इतनी भयावह थी कि देखते ही देखते स्टोर रूम से एक के बाद एक तीन धमाकों की आवाजें सुनाई दीं, जिससे आसपास के क्षेत्र में दहशत फैल गई। आग की लपटें पास में स्थित 'पामेला ग्रीन लॉन' (गेस्ट हाउस) तक जा पहुंचीं, जिससे भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
शॉर्ट सर्किट बना काल: धमाकों के साथ लॉन तक पहुंचीं लपटें
जानकारी के अनुसार, काकादेव निवासी महावीर प्रसाद पांडेय के पामेला गेस्ट हाउस के अगले हिस्से में तीन दुकानें बनी हुई हैं। इन दुकानों को कानपुर मेट्रो प्रोजेक्ट के स्टोर रूम के रूप में किराये पर दिया गया था। शनिवार सुबह अचानक स्टोर रूम के भीतर शॉर्ट सर्किट हुआ और चिंगारियां केबिलों के ढेर पर जा गिरीं। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग लगने के कुछ ही देर बाद स्टोर के अंदर रखे सामान में जोरदार धमाके हुए, जिसकी चपेट में आकर गेस्ट हाउस का एसी और अन्य कीमती सामान भी जलकर खाक हो गया।
फायर ब्रिगेड की मशक्कत; इंटरनेट सेवाओं पर पड़ा असर
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया। हालांकि, इस अग्निकांड की वजह से इलाके की कनेक्टिविटी पर बुरा असर पड़ा है। गेस्ट हाउस के मैनेजर नितिन अवस्थी ने बताया कि आग की वजह से वहां से गुजर रही कई बड़ी टेलीकॉम कंपनियों की 'ऑप्टिकल फाइबर केबिल' (OFC) जलकर राख हो गई हैं। इसके परिणामस्वरूप काकादेव और आसपास के कई क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह बंद हो गई हैं।
नुकसान का आकलन और सुरक्षा पर सवाल
दमकल विभाग और पुलिस अब आग से हुए कुल नुकसान का आकलन कर रही है। गनीमत रही कि हादसे के वक्त स्टोर रूम या लॉन के उस हिस्से में कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था, वरना बड़ी जनहानि हो सकती थी। इस घटना ने रिहायशी इलाकों में मेट्रो जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स के स्टोरेज सेफ्टी मानकों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल, टेलीकॉम कंपनियां जली हुई केबिलों को बदलने और इंटरनेट बहाल करने के काम में जुट गई हैं।




