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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : उत्तर प्रदेश के विकास की उड़ान अब बादलों के पार जा चुकी है। शनिवार को जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) के रनवे से पहली आधिकारिक और ऐतिहासिक उड़ान ने आसमान छुआ। इस गौरवशाली पल के साक्षी बने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, जो इसी पहले विमान में सवार होकर राजधानी लखनऊ के लिए रवाना हुए। इस उड़ान के साथ ही न केवल एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट का परिचालन शुरू हो गया, बल्कि उत्तर प्रदेश ने वैश्विक उड्डयन (Aviation) मानचित्र पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करा दी है।

हॉकर-900 विमान से लखनऊ रवाना: पीएम मोदी ने किया भव्य उद्घाटन

ऐतिहासिक उड़ान से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में इस मेगा प्रोजेक्ट का भव्य उद्घाटन किया। उद्घाटन के बाद, उत्तर प्रदेश सरकार के विशेष हॉकर-900 विमान ने रनवे से उड़ान भरी। प्रधानमंत्री मोदी ने इस मौके पर जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, "आज हम विकसित भारत और विकसित यूपी का एक नया अध्याय लिख रहे हैं। यह एयरपोर्ट पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनेगा।" उन्होंने इस बात पर भी गर्व जताया कि उन्हें ही इस प्रोजेक्ट के शिलान्यास और अब उद्घाटन का सौभाग्य प्राप्त हुआ।

एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट: कनेक्टिविटी और रोजगार का नया हब

जेवर एयरपोर्ट के शुरू होने से दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव आने वाला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे प्रदेश की 'नई पहचान' करार दिया। उन्होंने कहा, "यह एयरपोर्ट डबल इंजन सरकार की कार्यक्षमता और प्रधानमंत्री के दूरदर्शी विजन का परिणाम है। यह केवल एक हवाई अड्डा नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के लिए रोजगार और निवेश का प्रवेश द्वार है।" नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के चालू होने के साथ ही उत्तर प्रदेश अब देश का ऐसा राज्य बन गया है, जहां सबसे अधिक इंटरनेशनल एयरपोर्ट क्रियाशील हैं।

'विकसित यूपी' का नया ग्लोबल एड्रेस

कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि यह एयरपोर्ट तकनीक और सुविधाओं के मामले में दुनिया के बेहतरीन एयरपोर्ट्स को टक्कर देगा। इसके शुरू होने से दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर दबाव कम होगा और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को नई रफ्तार मिलेगी। उद्घाटन समारोह के दौरान पूरे जेवर इलाके में उत्सव का माहौल रहा। हजारों की संख्या में पहुंचे लोगों ने पहली उड़ान के टेकऑफ पर तालियों की गड़गड़ाहट के साथ स्वागत किया। यह परियोजना न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे उत्तर भारत के लिए गेम-चेंजर साबित होने वाली है।