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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : हिंदू पंचांग के अनुसार, जिस तरह हमारे जन्म का दिन, नक्षत्र और राशि महत्वपूर्ण होते हैं, उसी तरह 'जन्म तिथि' (Tithi) भी हमारे स्वभाव और भविष्य के निर्माण में एक बड़ी भूमिका निभाती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, तिथि व्यक्ति के चरित्र का आधार तय करती है, जबकि ग्रह जीवन की परिस्थितियों का निर्माण करते हैं।

एकम से लेकर पूर्णिमा और अमावस्या तक, कुल 16 तिथियां मानी गई हैं। आइए जानते हैं आपकी जन्म तिथि आपके व्यक्तित्व के बारे में क्या संकेत देती है:

तिथियों के अनुसार स्वभाव और गुण

तिथिव्यक्तित्व की विशेषताएं और स्वभाव
एकम (प्रतिपदा)धन कमाने के लिए संघर्ष करना पड़ सकता है, नकारात्मक संगति से बचने की जरूरत, भोग-विलास प्रिय।
द्वितीयापरमवीर और साहसी, सत्य बोलने वाले, स्वभाव में थोड़ी क्रूरता हो सकती है, स्वच्छता के प्रति लापरवाह।
तृतीयादूसरों को प्रेरित करने वाले, चेतना का अभाव, स्वभाव में थोड़ा झगड़ालू पन और आर्थिक संघर्ष।
चतुर्थीअत्यंत भाग्यशाली, दानशील स्वभाव, धन और संतान का सुख प्राप्त करने वाले, जीवन आनंदमय रहता है।
पंचमीसुव्यवस्थित जीवन, गुणी और संस्कारी, माता-पिता के प्रति समर्पित, दान-पुण्य में विश्वास रखने वाले।
षष्ठीयात्राओं के शौकीन (अनेक देशों की सैर), स्वभाव में थोड़ा विवादप्रिय और भोजन के प्रति अधिक लगाव (पेटू)।
सप्तमीसंतोषी स्वभाव, भाग्य का साथ मिलता है, गुणी और बच्चों से अत्यधिक प्रेम करने वाले।
अष्टमीधार्मिक और सत्यवादी, स्नेही और ज्ञानी, समाज में मान-सम्मान पाने वाले और परोपकारी।
नवमीदेवताओं के उपासक, परिवार (पत्नी-पुत्र) के प्रति समर्पित, शास्त्रों का गहरा ज्ञान रखने वाले।
दशमीशुद्ध विचारों वाले, शासन-प्रशासन में रुचि, धनवान और छोटी-छोटी चीजों में खुश रहने वाले।
एकादशीधर्म और अधर्म का भेद समझने वाले, ईश्वर में अटूट आस्था, जीवन में सुख और समृद्धि बनी रहती है।
द्वादशीमन थोड़ा बेचैन और अस्थिर रह सकता है, शरीर से कोमल, देश-विदेश भ्रमण करने की इच्छा।
त्रयोदशीवैज्ञानिक दृष्टिकोण, समझदार और सफल व्यक्तित्व, दूसरों की मदद करने वाले (परोपकारी)।
चतुर्दशीधनी और साहसी, अपनी बातों के पक्के (वचनबद्ध), राजसी ठाठ-बाट और प्रसिद्धि पाने वाले।
पूर्णिमाअत्यंत बुद्धिमान और धनी, भौतिक सुखों के प्रति आकर्षण, उत्तम भोजन के प्रेमी।
अमावस्याशक्तिशाली और विचित्र स्वभाव, स्वभाव में थोड़ा झगड़ालू पन, गुप्त विद्याओं या रहस्यों में रुचि।

क्या केवल तिथि ही काफी है?

ज्योतिष विशेषज्ञों का मानना है कि किसी व्यक्ति के चरित्र और भाग्य का सटीक विश्लेषण केवल तिथि से नहीं किया जा सकता। इसके लिए निम्नलिखित घटकों का संयुक्त प्रभाव देखना अनिवार्य है:

तिथि और वार: जन्म की तिथि और उस दिन का वार।

नक्षत्र और योग: जन्म के समय चंद्रमा जिस नक्षत्र में था।

ग्रहों की स्थिति: कुंडली में ग्रहों के आपसी संबंध और उनकी शुभता-अशुभता।