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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : अक्षय तृतीया का दिन हिंदू धर्म में 'अबूझ मुहूर्त' माना जाता है, जिसका अर्थ है कि इस दिन किया गया कोई भी शुभ कार्य या मंत्र जाप अनंत गुना फल प्रदान करता है। वर्ष 2026 में अक्षय तृतीया 19 और 20 अप्रैल को मनाई जाएगी।

यदि आप आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं या जीवन में सुख-समृद्धि चाहते हैं, तो इस पावन तिथि पर देवी लक्ष्मी और धन के देवता कुबेर को प्रसन्न करने के लिए इन 5 विशेष मंत्रों का जाप अवश्य करें:

1. लक्ष्मी गायत्री मंत्र (समृद्धि और प्रगति के लिए)

मां लक्ष्मी के आशीर्वाद से जीवन में सफलता और धन की वृद्धि के लिए लक्ष्मी गायत्री मंत्र का जाप करें। पूजा के दौरान माता को कमल या गुलाब के फूल अर्पित करते समय इस मंत्र को बोलें:

"ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात्॥"

2. अष्ट-लक्ष्मी कुबेर मंत्र (धन प्राप्ति के लिए)

अक्षय तृतीया पर कुबेर देव की पूजा का भी विधान है। धन के भंडार भरने के लिए इस मंत्र का जाप अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है:

"ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं श्रीं कुबेर अष्ट-लक्ष्मी मम गृहे धनं पुरय पुरय नमः॥"

3. अमृत लक्ष्मी मंत्र (स्थायी सुख-शांति के लिए)

माना जाता है कि इस मंत्र का 108 बार जाप करने से देवी लक्ष्मी आपके घर में स्थायी रूप से निवास करती हैं और कभी भी अन्न-धन की कमी नहीं होने देतीं:

"ॐ अमृत लक्ष्म्यै नमः॥"

4. श्री गुरुदेव मंत्र (भाग्य और बृहस्पति की मजबूती के लिए)

अक्षय तृतीया पर भगवान विष्णु ने 'नर-नारायण' अवतार लिया था। इस दिन गुरु मंत्र का जाप करने से कुंडली में बृहस्पति ग्रह मजबूत होता है और सोया हुआ भाग्य जाग उठता है:

"ॐ श्री गुरुदेवाय नमः॥"

5. कलश पूजन मंत्र (आरोग्य और 33 कोटि देवताओं की कृपा के लिए)

अक्षय तृतीया पर जल से भरे कलश (मिट्टी के बर्तन) का पूजन और दान करने का विशेष महत्व है। कलश में सभी देवताओं का वास माना गया है, इसलिए पूजन के समय यह मंत्र बोलें:

"कलशस्य मुखे विष्णु: कण्ठे रुद्र: समाश्रित:। मूले तत्र स्थितो ब्रह्मा मध्ये मातृगणा: स्मृता:॥"

विशेष टिप:

आर्थिक संकट के निवारण के लिए मंत्रों के साथ-साथ इस दिन लक्ष्मी स्तोत्र और श्री सूक्त का पाठ करना भी बेहद शुभ फलदायी होता है। दान-पुण्य के रूप में चप्पल, छाता या मिट्टी के घड़े का दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है।