Prabhat Vaibhav,Digital Desk : पंजाब में सड़क सुरक्षा फोर्स (SSF) के गठन के बाद सड़क हादसों में मौतों की दर में 48 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस मॉडल की सफलता देखकर अन्य राज्य इसे अपनाने में रुचि दिखा रहे हैं।
SSF की त्वरित प्रतिक्रिया से जीवन बचाए जा रहे
मुख्यमंत्री ने बताया कि एस.एस.एफ. की त्वरित गश्त और हादसा स्थलों पर समय पर प्राथमिक उपचार प्रदान करने की व्यवस्था ने राज्य में सड़क हादसों के कारण होने वाली मौतों को आधे से अधिक घटा दिया है। पटियाला-सरहिंद रोड जैसी ‘खूनी सड़क’ अब सुरक्षित बन चुकी है।
हाईवे और सड़क निर्माण पर जोर
मान ने बताया कि पूरे राज्य में 43,000 किलोमीटर उच्च गुणवत्ता वाली सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। एस.एस.एफ. की गश्त से न सिर्फ ट्रैफिक नियंत्रण बेहतर हुआ है, बल्कि हादसों में घायल लोगों की कीमती वस्तुएं और धन भी सुरक्षित लौटाए जा रहे हैं।
आधुनिक उपकरण और प्रशिक्षित कर्मी
इस फोर्स में 1,597 विशेष रूप से प्रशिक्षित कर्मचारी हैं और उन्हें 144 अत्याधुनिक और पूरी तरह सुसज्जित वाहन उपलब्ध कराए गए हैं। यह फोर्स 4,200 किलोमीटर लंबे हाईवे पर तैनात है, जहां हादसों की संभावना अधिक रहती है।
राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया मॉडल
मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब का यह सड़क सुरक्षा मॉडल देश के अन्य राज्यों और प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ में भी उल्लेखित किया गया है। उन्होंने कहा कि यह पहल पूरे देश के लिए मार्गदर्शक भूमिका निभा रही है।
हादसों की रोकथाम और भविष्य की योजनाएं
एस.एस.एफ. न सिर्फ गश्त कर रही है, बल्कि ट्रैफिक उल्लंघनों की रोकथाम भी सुनिश्चित कर रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि अब हादसा पीड़ितों को तुरंत प्राथमिक सहायता और उचित इलाज मिल रहा है, जिससे कई बहुमूल्य जीवन बचाए जा रहे हैं।




