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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : चंडीगढ़ प्रशासन ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अपनी नई आबकारी नीति (Excise Policy) को हरी झंडी दे दी है। शुक्रवार, 6 मार्च को घोषित इस नीति में प्रशासन ने राजस्व जुटाने और आम जनता की पसंद के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है। नई नीति के तहत शहर में देसी शराब (Country Liquor) और बीयर (Beer) पीना अब महंगा हो जाएगा, जबकि स्कॉच और अन्य विदेशी आयातित शराब (Imported Foreign Liquor) की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह नई नीति 1 अप्रैल 2026 से पूरे शहर में लागू हो जाएगी।

बीयर और देसी शराब पर 2% तक की बढ़ोतरी

प्रशासन ने बढ़ती लागत और मुद्रास्फीति का हवाला देते हुए देसी शराब, आईएमएफएल (IMFL), इंडियन बीयर और इंडियन वाइन के 'एक्स-डिस्ट्रिलरी प्राइस' (EDP) में 2 प्रतिशत तक की मामूली वृद्धि का प्रस्ताव दिया है। इसका सीधा असर खुदरा कीमतों पर पड़ेगा और एक बोतल बीयर या देसी शराब के लिए उपभोक्ताओं को पहले के मुकाबले अधिक जेब ढीली करनी होगी। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह बढ़ोतरी दूसरे देशों से आयातित (Imported) वाइन, बीयर और विदेशी शराब (IFL) पर लागू नहीं होगी, जिससे प्रीमियम सेगमेंट के शौकीनों को राहत मिली है।

डिपार्टमेंटल स्टोर्स में फिर लौटेगी शराब: L-10B लाइसेंस बहाल

नई नीति की सबसे बड़ी खबर L-10B लाइसेंस की वापसी है। अब शहर के संगठित डिपार्टमेंटल स्टोर्स में भी शराब की बिक्री हो सकेगी। प्रशासन का मानना है कि इस कदम से विशेष रूप से महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को शराब खरीदने के लिए एक बेहतर और सुरक्षित माहौल मिलेगा। साथ ही, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (Ease of Doing Business) के तहत कस्टम बॉन्डेड वेयरहाउस के नियमों में भी ढील दी गई है, जिससे अब ये वेयरहाउस चंडीगढ़ के बाहर भी स्थित हो सकेंगे।

97 ठेकों से ₹454 करोड़ जुटाने का लक्ष्य

चंडीगढ़ प्रशासन ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए 454.35 करोड़ रुपये का कुल आरक्षित मूल्य (Reserve Price) तय किया है। शहर में कुल 97 खुदरा शराब ठेके (Retail Vends) संचालित होंगे। ई-टेंडरिंग प्रक्रिया के जरिए इन ठेकों की नीलामी की जाएगी। दिलचस्प बात यह है कि प्रशासन ने शराब के कोटे में कोई बदलाव नहीं किया है, यानी कोटा उतना ही रहेगा जितना 2025-26 में था, जिससे बाजार में स्थिरता बनी रहे।

तस्करी रोकने के लिए 'ट्रैक एंड ट्रेस' सिस्टम और ब्लैकलिस्टिंग

अवैध शराब की बिक्री और तस्करी रोकने के लिए प्रशासन अब और सख्त हो गया है। नई नीति में 'ट्रैक एंड ट्रेस' सिस्टम को और मजबूत किया जाएगा। इसके अलावा, जो शराब ठेकेदार बार-बार लाइसेंस फीस देने में डिफॉल्ट करेंगे, उन्हें हमेशा के लिए ब्लैकलिस्ट करने का प्रावधान किया गया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि शराब बिक्री के समय नियमों का उल्लंघन करने वाले ठेकों को तुरंत सील कर दिया जाएगा।