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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : बिहार के उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय सिन्हा ने अपने ही विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया है। भागलपुर में आयोजित भूमि सुधार जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में दलालों का बोलबाला हो गया है, जिसका सीधा नुकसान आम जनता को उठाना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि जमीन और राजस्व से जुड़े मामलों में दलालों की सक्रियता के कारण लोग महीनों और वर्षों तक दफ्तरों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। यह स्थिति न केवल आम नागरिकों के साथ अन्याय है, बल्कि सरकार की छवि को भी नुकसान पहुंचा रही है।

“अब व्यवस्था बदलनी होगी”

विजय सिन्हा ने कहा कि सरकार चाहती है कि आम आदमी बिना किसी बिचौलिये के अपना काम सीधे करा सके। इसके लिए अब विभागीय व्यवस्था में बदलाव जरूरी है। उन्होंने दो टूक कहा कि अब विभाग में दलालों की कोई जगह नहीं है और उन्हें पूरी तरह हटाया जाएगा।

अधिकारियों को कड़ी चेतावनी

डिप्टी सीएम ने विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अब उन्हें ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा। यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी दलालों को संरक्षण देते हुए पाया गया, तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

मौके पर सुनीं शिकायतें, हुआ समाधान

जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान विजय सिन्हा ने आम लोगों की जमीन और राजस्व से जुड़ी शिकायतें सुनीं और कई मामलों का मौके पर ही समाधान कराया। उन्होंने बताया कि राज्यभर में ऐसे जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि जमीन विवादों का त्वरित निपटारा हो सके।

हेल्पलाइन और सख्त नियम

उन्होंने जानकारी दी कि विभागीय हेल्पलाइन को सक्रिय किया गया है, जिससे लोग सीधे अपनी शिकायत दर्ज करा सकें। साथ ही, लंबित मामलों की नियमित समीक्षा की जा रही है और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई हो रही है।

विजय सिन्हा ने कहा कि आने वाले समय में भूमि सुधार से जुड़े नियमों को और सरल व सख्त बनाया जाएगा, ताकि भ्रष्टाचार और दलाली पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।

“स्थायी सुधार ही लक्ष्य”

उन्होंने दोहराया कि सरकार का मकसद केवल शिकायतें सुनना नहीं, बल्कि व्यवस्था में स्थायी सुधार लाना है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आम लोगों की जमीन पर नजर रखने वालों को अब पीछे हटना होगा।

उनके इस बयान से साफ है कि नीतीश सरकार अब भूमि और राजस्व विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है।