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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : पंजाब की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। बहुचर्चित डीएम गगनदीप सिंह रंधावा आत्महत्या मामले में पंजाब पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व मंत्री ललजीत सिंह भुल्लर को गिरफ्तार कर लिया है। मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस की एक विशेष टीम ने भुल्लर को मंडी गोबिंदगढ़ इलाके से हिरासत में लिया। रंधावा की मौत के बाद से ही भुल्लर पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही थी और इस हाई-प्रोफाइल एक्शन ने प्रदेश के सियासी गलियारों में हड़कंप मचा दिया है।

परिवार के अल्टीमेटम के आगे झुकी पुलिस, सड़क पर उतरने की दी थी चेतावनी

गगनदीप सिंह रंधावा के परिजनों का धैर्य जवाब दे रहा था। मृतक के परिवार ने आज सुबह ही सरकार और पुलिस प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। परिजनों ने साफ कर दिया था कि अगर तय समय के भीतर मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वे शव के साथ सड़क पर बैठने को मजबूर होंगे। परिवार के कड़े रुख और जन आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने आनन-फानन में छापेमारी शुरू की और आखिरकार भुल्लर को पकड़ने में कामयाबी हासिल की।

रंधावा का 'सुसाइड वीडियो' बना भुल्लर के लिए गले की फांस

बता दें कि पंजाब स्टेट वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के जिला प्रबंधक गगनदीप सिंह रंधावा ने 21 मार्च 2026 को खुदकुशी की थी। मरने से पहले उन्होंने एक वीडियो रिकॉर्ड किया था, जिसमें पूर्व मंत्री भुल्लर पर मानसिक प्रताड़ना, टेंडर में अवैध दबाव और जान से मारने की धमकी देने के बेहद गंभीर आरोप लगाए थे। इसी वीडियो और मृतक की डायरी में दर्ज तथ्यों के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी (FIR) दर्ज की थी। अब गिरफ्तारी के बाद पुलिस भुल्लर से इन आरोपों पर गहन पूछताछ करेगी।

दिल्ली तक गूंजी रंधावा की मौत की गूंज, संसद में उठा मुद्दा

यह मामला अब केवल पंजाब तक सीमित नहीं रहा है। आज संसद में कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने रंधावा आत्महत्या मामले को पुरजोर तरीके से उठाया। उन्होंने सदन को बताया कि कैसे एक ईमानदार अधिकारी को सिस्टम की बलि चढ़ा दिया गया। औजला ने आरोप लगाया कि रंधावा ने समय रहते शिकायतें की थीं, लेकिन सत्ता के दबाव में उनकी आवाज को अनसुना कर दिया गया। इस मुद्दे पर विपक्ष के हमलावर रुख ने सरकार को बैकफुट पर धकेल दिया है।

गृह मंत्री अमित शाह का बड़ा आश्वासन: CBI जांच को तैयार केंद्र

संसद में सांसदों की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मामले की गंभीरता को स्वीकार किया। उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि यदि पंजाब सरकार या संबंधित पक्ष की ओर से औपचारिक अनुरोध प्राप्त होता है, तो केंद्र सरकार इस पूरे मामले की जांच सीबीआई (CBI) को सौंपने के लिए पूरी तरह तैयार है। इसके तुरंत बाद पंजाब के चार सांसदों ने गृह मंत्री को पत्र लिखकर लुकआउट सर्कुलर जारी करने और मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी से कराने की लिखित मांग भी कर दी है।