Prabhat Vaibhav,Digital Desk : बिहार के गोपालगंज जिले के किसानों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आ रही है। लंबे समय से बंद पड़ी सासामुसा चीनी मिल को दोबारा शुरू करने की कवायद अब अंतिम चरण में पहुंचती दिख रही है। मंगलवार को महाराष्ट्र की प्रतिष्ठित कंपनी 'टू सिग्मा' और तिरहुत उद्योग के प्रतिनिधियों ने मिल परिसर का विस्तृत निरीक्षण किया और संचालन को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं।
निवेशक दल का दौरा और सघन निरीक्षण
पटना में गन्ना उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव बी. सेंथिल कुमार के साथ हुई हाई-लेवल मीटिंग के बाद, निवेशकों की टीम सीधे सासामुसा पहुंची।
प्रमुख सदस्य: इस दल में तिरहुत उद्योग के अध्यक्ष हरेंद्र बाजपेई, 'टू सिग्मा' कंपनी के प्रतिनिधि मिलिंद गायकवाड और किरण लोखंडे शामिल थे।
प्रशासनिक सहयोग: निरीक्षण के दौरान गन्ना उद्योग विभाग के आयुक्त जेपीएन सिंह, स्थानीय बीडीओ सुनील कुमार मिश्रा और राजस्व पदाधिकारी भी मौजूद रहे। टीम ने मिल की पुरानी मशीनों, भवनों और उपलब्ध भूमि का बारीकी से जायजा लिया।
सिर्फ चीनी ही नहीं, एथेनॉल पर भी नजर
तिरहुत उद्योग के अध्यक्ष हरेंद्र बाजपेई ने बताया कि कंपनी केवल चीनी उत्पादन तक सीमित नहीं रहना चाहती।
भावी योजना: मिल परिसर में एथेनॉल प्लांट और अन्य कृषि आधारित उद्योगों की स्थापना की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है।
समय सीमा: यदि बिहार सरकार के साथ बातचीत और तकनीकी प्रक्रियाएं समय पर पूरी होती हैं, तो पेराई सत्र 2026-27 से मिल का संचालन शुरू हो सकता है।
किसानों और युवाओं के लिए वरदान
सासामुसा चीनी मिल के पुनर्जीवित होने से गोपालगंज और आसपास के हजारों गन्ना किसानों को अपनी उपज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
रोजगार: मिल शुरू होने से स्थानीय स्तर पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सैकड़ों युवाओं को रोजगार मिलेगा।
आर्थिक मजबूती: एथेनॉल उत्पादन से क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की आय में वृद्धि होगी।
सरकार की प्राथमिकता में सासामुसा
गन्ना उद्योग विभाग के आयुक्त जेपीएन सिंह ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित विशेष समिति राज्य की बंद चीनी मिलों को चालू करने के लिए प्रतिबद्ध है। सासामुसा मिल को फिर से शुरू करना सरकार की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है।
गौरतलब है कि इससे पहले कर्नाटक के निरानी ग्रुप ने भी इस मिल में रुचि दिखाई थी, लेकिन 'टू सिग्मा' के इस ताज़ा दौरे और गंभीर निवेश प्रस्ताव ने क्षेत्र के लोगों की उम्मीदें और बढ़ा दी हैं।




