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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : बिहार के गोपालगंज जिले में रसोई गैस वितरण के नियमों में हुए बदलाव और कम आपूर्ति ने आम आदमी की रसोई का बजट और सुकून दोनों बिगाड़ दिया है। फुलवरिया सहित जिले के कई हिस्सों में एलपीजी सिलेंडर के लिए युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है। शादी-विवाह के इस सीजन में किल्लत ने उपभोक्ताओं की परेशानी को दोगुना कर दिया है।

एजेंसियों पर सुबह से लग रही है भीड़

फुलवरिया गैस वितरक एजेंसी के बाहर सुबह से ही उपभोक्ताओं की लंबी लाइनें लग रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में होम डिलीवरी व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, जिसके कारण लोग खुद सिलेंडर लेने एजेंसी पहुंच रहे हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी स्टॉक खत्म होने की बात कहकर उन्हें वापस लौटा दिया जाता है।

क्या हैं वो नए नियम जिनसे बढ़ी परेशानी?

गैस वितरकों के अनुसार, हाल ही में विभाग द्वारा लागू किए गए सख्त नियमों ने वितरण प्रक्रिया को जटिल बना दिया है:

25 दिन का अंतराल: अब एक बार गैस लेने के बाद उपभोक्ता 25 दिनों से पहले दूसरा सिलेंडर नहीं ले सकता। पहले यह सीमा 21 दिनों की थी।

बुकिंग की अनिवार्यता: अब बिना एडवांस बुकिंग के गैस मिलना नामुमकिन है। पहले कई बार इमरजेंसी में बिना बुकिंग के भी सिलेंडर मिल जाता था।

OTP व्यवस्था: गैस वितरण को पारदर्शी बनाने के लिए मोबाइल ओटीपी (OTP) अनिवार्य कर दिया गया है। बिना ओटीपी वेरिफिकेशन के सॉफ्टवेयर सिलेंडर रिलीज नहीं करता।

शादी-ब्याह के सीजन में बढ़ी मांग

स्थानीय उपभोक्ता कमलेश सिंह और मीना देवी ने बताया कि इस समय लगन (शादी-विवाह) का मौसम है, जिससे गैस की खपत बढ़ गई है। एक तरफ मांग ज्यादा है और दूसरी तरफ तेल कंपनियों द्वारा आपूर्ति (Supply) में कटौती की गई है, जिससे 'मारामारी' जैसी स्थिति पैदा हो गई है।

आपूर्ति में कटौती का असर

रिपोर्ट्स के अनुसार, तेल कंपनियों ने एजेंसियों को मिलने वाले कोटे में 20 से 25 प्रतिशत तक की कटौती की है। इसके पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और मिडिल ईस्ट का संकट बताया जा रहा है।