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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : होली का त्योहार संपन्न होने के बाद अब परदेश लौटने वाले प्रवासियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। सीतामढ़ी और आसपास के जिलों से दिल्ली, मुंबई जैसे महानगरों की ओर जाने वाली सभी ट्रेनें हाउसफुल हैं। तत्काल टिकट के लिए मची मारामारी और दलालों की सक्रियता के बीच बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) ने यात्रियों को बड़ी राहत दी है।

ट्रेनों में जगह नहीं, दलालों का बोलबाला

सीतामढ़ी रेलवे स्टेशन पर यात्रियों का बुरा हाल है। तत्काल टिकट काउंटर पर लंबी कतारें लग रही हैं, लेकिन यात्रियों का आरोप है कि टिकट दलाल सक्रिय हैं जो ₹1000 से ₹2500 तक अतिरिक्त वसूल रहे हैं। आरपीएफ की कमी के कारण सभी काउंटरों पर निगरानी संभव नहीं हो पा रही है, जिसका फायदा बिचौलिए उठा रहे हैं।

बिहार सरकार का इंतजाम: दिल्ली के लिए चल रही हैं बसें

ट्रेनों में कंफर्म टिकट न मिलने के कारण अब बड़ी संख्या में यात्री सरकारी बसों का रुख कर रहे हैं। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम ने कांटा चौक से दिल्ली के लिए आधा दर्जन आधुनिक बसों का परिचालन शुरू किया है।

बस की क्षमता: हर बस में 30 चेयर (सिटिंग) और 30 स्लीपर सीटें हैं, यानी एक बस में कुल 60 यात्री सफर कर रहे हैं।

समय: ये बसें प्रतिदिन दोपहर 12:40 से 14:40 के बीच कांटा चौक से रवाना होती हैं।

टिकट काउंटर: यात्रियों की सुविधा के लिए कांटा चौक, बाइपास बस स्टैंड, सुरसंड, भिट्ठामोड, शिवहर, रुन्नीसैदपुर, परिहार और बेला समेत कई प्रमुख जगहों पर टिकट काउंटर बनाए गए हैं।

कितना है किराया?

निगम ने दिल्ली जाने वाले यात्रियों के लिए किराया निर्धारित कर दिया है:

सिटिंग (Chair Car): ₹1183 प्रति यात्री।

स्लीपर (Sleeper): ₹1785 प्रति यात्री।

यात्रियों की राय

सुरसंड और मेजरगंज के यात्रियों ने बताया कि मजबूरी में उन्हें बस का सहारा लेना पड़ रहा है क्योंकि ट्रेन में पैर रखने की जगह नहीं है। वहीं, कुछ जागरूक यात्रियों ने परेशानी से बचने के लिए महीनों पहले ही अपनी वापसी की टिकट बुक करा ली थी।