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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : भागलपुर प्रमंडल से संचालित सरकारी बसों के यात्रियों को जल्द ही किराए में बढ़ोतरी झेलनी पड़ सकती है। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम, भागलपुर ने आठ प्रतिशत तक किराया बढ़ाने का प्रस्ताव क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण, भागलपुर को भेजा है।

प्रस्ताव की प्रक्रिया

शुक्रवार को भागलपुर क्षेत्रीय प्रबंधक पवन शांडिल्य ने आरटीए, भागलपुर के सचिव अनिल कुमार से मुलाकात कर इस प्रस्ताव को सौंपा। आरटीए सचिव ने बताया कि फिलहाल यह केवल प्रस्ताव है। इसके सभी पहलुओं की जांच के बाद इसे मुख्यालय भेजा जाएगा। किराया बढ़ाने का अंतिम निर्णय मुख्यालय स्तर से लिया जाएगा।

क्यों बढ़ाया जा सकता है किराया?

किराया बढ़ाने के पीछे मुख्य कारण हैं:

डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी

बसों के रखरखाव पर बढ़ता खर्च

कर्मचारियों के वेतन और संचालन लागत में इजाफा

निगम का कहना है कि वर्तमान किराया खर्च के अनुपात में कम पड़ रहा है, जिससे आर्थिक संतुलन बनाए रखना मुश्किल हो रहा है। पिछले बार भाड़े में 2021 में बढ़ोतरी हुई थी।

ठंड और कम यात्री, घाटे में बस संचालन

पिछले एक महीने से पड़ रही कड़ाके की ठंड और खरमास के कारण बसों की आमदनी 30 से 40 प्रतिशत तक कम हो गई है। यात्रियों की संख्या कम होने से बस संचालन घाटे में चला गया है। इस स्थिति को देखते हुए मुख्यालय स्तर पर समीक्षा की जा रही है।

आर्थिक सुधार और बेहतर संचालन की योजना

क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण के सचिव अनिल कुमार ने बताया कि प्रमंडल स्तर पर गहन समीक्षा की जा रही है। इसमें निम्न बिंदुओं पर ध्यान दिया जा रहा है:

डिपो से चलने वाली बसों की संख्या और उनकी टाइमिंग,यात्रियों की संख्या और उनकी मांग के अनुसार रूट, संचालन की दक्षता और लागत संतुलन

रिव्यू रिपोर्ट तैयार होने के बाद किराया बढ़ाने और संचालन सुधार के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। इसका लक्ष्य यात्रियों की सुविधा बनाए रखना और निगम की आय को सुधारना है।