Prabhat Vaibhav,Digital Desk : पूर्णिया शहर एक बार फिर गहरे शोक में डूब गया, जब चर्चित व्यवसायी जवाहर यादव का निधन बेटे सूरज बिहारी की हत्या के सदमे में हो गया। बेटे की तेरहवीं भी नहीं हुई थी कि शुक्रवार सुबह पिता को अचानक दिल का दौरा पड़ा और उन्होंने दम तोड़ दिया। इस दोहरी घटना ने न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है।
बेटे की हत्या ने तोड़ दिया पिता को
27 फरवरी को पूर्णिया के मरंगा थाना क्षेत्र के वसंत विहार मोहल्ले में दिनदहाड़े बदमाशों ने जवाहर यादव के बड़े बेटे सूरज बिहारी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। यह वारदात एक सोशल मीडिया विवाद के बाद हुई पंचायत के दौरान अंजाम दी गई थी। घटना के बाद से ही जवाहर यादव गहरे सदमे में थे और खुद को लोगों से अलग-थलग रखने लगे थे।
परिजनों के मुताबिक सूरज बिहारी न सिर्फ पिता के कारोबार को संभाल रहा था, बल्कि पिता-पुत्र का रिश्ता दोस्त जैसा था। तीन बेटों में सबसे बड़े सूरज से जवाहर यादव का भावनात्मक जुड़ाव सबसे ज्यादा था। ऐसे में उसकी हत्या ने उन्हें अंदर से तोड़ दिया।
अचानक बिगड़ी तबीयत, नहीं बच सके
शुक्रवार सुबह जवाहर यादव अपने आवासीय परिसर में बैठे थे, तभी उन्हें सीने में तेज दर्द उठा। परिजन उन्हें अस्पताल ले जाने की तैयारी कर ही रहे थे कि रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। खबर फैलते ही उनके घर पर शोक संवेदना जताने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी।
पुलिस कार्रवाई पर उठते रहे सवाल
बेटे की हत्या के बाद जवाहर यादव लगातार पुलिस की कार्रवाई और उसकी रफ्तार पर सवाल उठा रहे थे। इस मामले में शहर में मशाल जुलूस भी निकाला गया था। हत्या के सात नामजद आरोपियों में से अब तक सिर्फ दो ने मुजफ्फरपुर में आत्मसमर्पण किया है, जबकि पांच आरोपी अभी भी फरार हैं।
इस हत्याकांड को लेकर विपक्ष ने भी सरकार और पुलिस पर निशाना साधा है। मामला बिहार विधानसभा तक पहुंच चुका है और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
एक ही परिवार में पिता और पुत्र की इस तरह हुई मौत ने पूर्णिया को गहरे दुख और आक्रोश में डाल दिया है।




