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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : उत्तराखंड में इस वर्ष अप्रैल से शुरू होने वाली चारधाम यात्रा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। यात्रा से जुड़े विभिन्न विभागों और जिलों ने आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए कुल 44 करोड़ रुपये के प्रस्ताव चारधाम यात्रा प्रबंधन और नियंत्रण संगठन को भेज दिए हैं। संगठन ने इन सभी प्रस्तावों को शासन को अग्रसारित कर दिया है और जल्द बजट स्वीकृत होने की उम्मीद जताई जा रही है।

परंपरा के अनुसार अक्षय तृतीया के दिन गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। इस वर्ष अक्षय तृतीया 19 अप्रैल को है। बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को खुलेंगे, जबकि केदारनाथ धाम के कपाट खोलने की तिथि महाशिवरात्रि के अवसर पर तय की जाएगी। यात्रा की शुरुआत अप्रैल के मध्य में होने से प्रशासन के पास तैयारियों के लिए सीमित समय है।

चारधाम यात्रा से सीधे तौर पर चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी जिले जुड़े हुए हैं, जहां चारों धाम स्थित हैं। इसके अलावा हरिद्वार, देहरादून, टिहरी और पौड़ी जिले यात्रा मार्ग और पड़ाव के रूप में अहम भूमिका निभाते हैं। इन जिलों में भी चिकित्सा, परिवहन, पेयजल, सफाई और सुरक्षा जैसी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए योजनाएं बनाई गई हैं।

17 जनवरी को ऋषिकेश स्थित यात्रा ट्रांजिट कैंप में चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर पहली समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में मंडलायुक्त विनय शंकर पांडेय ने सभी संबंधित जिलों को समय पर प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए थे, ताकि कपाट खुलने से पहले सभी कार्य पूरे किए जा सकें। इसके बाद सात जिलों से कुल 44 करोड़ रुपये के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।

इन प्रस्तावों में ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप में निर्माण और सुधार कार्यों के लिए लगभग सात करोड़ रुपये शामिल हैं। इसके अलावा यात्रा मार्गों पर चिकित्सा सुविधाएं, एंबुलेंस, डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती, सफाई व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, पेयजल आपूर्ति, पार्किंग स्थल, बस अड्डों का सुधार और पैदल मार्गों पर पर्यटक आवास गृहों की मरम्मत जैसे कार्य शामिल हैं।

चारधाम यात्रा के दौरान परिवहन व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए संयुक्त रोटेशन समिति और परिवहन विभाग के साथ जल्द बैठक प्रस्तावित है। संयुक्त रोटेशन में शामिल 10 परिवहन कंपनियों के पास लगभग 2200 बसें हैं, जिनसे बड़ी संख्या में श्रद्धालु चारधाम यात्रा करते हैं। बैठक में बसों की संख्या, किराया और टैक्स से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

चारधाम यात्रा संगठन के विशेष कार्याधिकारी डॉ. प्रजापति नौटियाल ने बताया कि सभी प्रस्ताव शासन को भेज दिए गए हैं और उम्मीद है कि जल्द ही बजट जारी कर दिया जाएगा, जिससे यात्रा से पहले सभी जरूरी तैयारियां समय पर पूरी की जा सकें।