Prabhat Vaibhav,Digital Desk : हल्द्वानी शहर को सालों से परेशान कर रहे ट्रैफिक जाम की समस्या को सुलझाने की दिशा में एक बड़ी कामयाबी मिली है। बहुप्रतीक्षित रिंग रोड प्रोजेक्ट (Haldwani Ring Road Project) के सर्वे के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है, जिसमें दिल्ली, हरियाणा और पंजाब की तीन नामी कंपनियों ने दिलचस्पी दिखाई है। इस कदम से नौ साल से लटकी इस योजना के जल्द धरातल पर उतरने की उम्मीद जग गई है।
टेंडर प्रक्रिया: तकनीकी जांच के बाद खुलेगी फाइनेंशियल बिड
लोनिवि (PWD) हल्द्वानी डिवीजन द्वारा आमंत्रित किए गए टेंडर में तीन कंपनियों ने प्रतिभाग किया है। अधिशासी अभियंता प्रत्यूष कुमार के अनुसार, अब प्रक्रिया दो चरणों में पूरी होगी:
तकनीकी अनुभव की जांच: पहले कंपनियों की टेक्निकल टीम, उपलब्ध मशीनों और उनके पिछले कार्य अनुभव का आकलन किया जाएगा।
फाइनेंशियल बिड: तकनीकी रूप से फिट पाई जाने वाली कंपनियों में से जिसकी दरें सबसे कम होंगी, उसे सर्वे की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
चयनित कंपनी को वनभूमि का सीमांकन, पेड़ों की गिनती, सड़क का डिजाइन और विस्तृत बजट प्रस्ताव तैयार करना होगा। शासन ने इस सर्वे के लिए 26.35 लाख रुपये पहले ही जारी कर दिए हैं।
क्यों बदला गया प्रोजेक्ट का स्वरूप?
बता दें कि साल 2017 में जब इस प्रोजेक्ट की घोषणा हुई थी, तब इसे लामाचौड़ से गन्ना सेंटर की ओर ले जाना प्रस्तावित था। लेकिन सर्वे में पता चला कि इस मार्ग में:
19 हेक्टेयर निजी जमीन और 105 घर जद में आ रहे थे।
केवल मुआवजे के लिए 700 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि की जरूरत थी।
किसानों के कड़े विरोध और बजट की कमी के चलते अब रिंग रोड को पूरी तरह वनभूमि (Forest Land) से गुजारने का फैसला लिया गया है। अब यह सड़क भाखड़ा पुल से फायर लाइन और फिर जंगल के अंदर से होते हुए रामपुर रोड पर बेलबाबा के पास कनेक्ट होगी।
प्रोजेक्ट की एक झलक (प्राथमिक आकलन)
कुल लंबाई: लगभग 18 किलोमीटर।
जरूरी वनभूमि: 56 हेक्टेयर।
प्रभावित पेड़: लगभग 4280 पेड़ों के कटान का अनुमान।
अनुमानित लागत: सड़क निर्माण पर करीब 172 करोड़ रुपये खर्च होने की संभावना है।
रिंग रोड बनने से क्या होंगे बड़े फायदे?
शहर को बाईपास: रामपुर रोड से कालाढूंगी या रामनगर जाने वाले वाहनों को शहर के संकरे रास्तों और नैनीताल रोड के जाम में नहीं फंसना पड़ेगा।
पर्यटन सीजन में राहत: सीजन के दौरान जब नैनीताल और कैंची धाम के लिए पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ती है, तब यह रिंग रोड एक बेहतरीन 'डायवर्जन ट्रैक' साबित होगा।
बरेली रोड से सीधा संपर्क: रामनगर और कालाढूंगी की ओर से आने वाले जिन्हें लालकुआं या बरेली जाना है, वे भाखड़ा पुल से सीधे बेलबाबा और फिर बरेली रोड पहुंच सकेंगे।
ग्रामीण क्षेत्रों का विकास: इस सड़क के दायरे में 20 से अधिक ग्राम पंचायतें आएंगी, जिन्हें बेहतर कनेक्टिविटी मिलने से विकास के नए रास्ते खुलेंगे।




