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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : पश्चिमी एशिया में महीनों से चल रहे भारी तनाव के बीच अमेरिका और ईरान द्वारा युद्धविराम की ऐतिहासिक घोषणा का भारत ने पुरजोर स्वागत किया है। भारत सरकार के विदेश मंत्रालय (MEA) ने अपना पहला आधिकारिक बयान जारी करते हुए इसे वैश्विक स्थिरता के लिए एक सकारात्मक कदम बताया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत हमेशा से ही संवाद और कूटनीति के जरिए विवाद सुलझाने का पक्षधर रहा है और यह युद्धविराम उसी दिशा में एक बड़ी जीत है।

'शांति ही एकमात्र रास्ता': विदेश मंत्रालय का कड़ा संदेश

भारत सरकार ने अपने बयान में कहा, "हम इस युद्धविराम का स्वागत करते हैं और आशा करते हैं कि इससे पश्चिम एशिया में न केवल शांति स्थापित होगी, बल्कि यह स्थायी रूप से बनी रहेगी।" भारत ने लगातार इस बात पर जोर दिया है कि युद्ध और संघर्ष ने न केवल मानवीय पीड़ा को बढ़ाया है, बल्कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार नेटवर्क को भी बुरी तरह प्रभावित किया है। नई दिल्ली को उम्मीद है कि अब होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के जरिए वैश्विक वाणिज्य और जहाजों की आवाजाही बिना किसी बाधा के जारी रहेगी।

433 भारतीय नाविकों और 16 जहाजों की होगी सुरक्षित घर वापसी

युद्धविराम की घोषणा के साथ ही भारत के लिए सबसे बड़ी राहत की खबर फारस की खाड़ी से आई है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, युद्ध की स्थिति के कारण फारस की खाड़ी में भारत के 16 जहाज फंसे हुए थे, जिन पर कुल 433 भारतीय नाविक सवार थे। होर्मुज जलडमरूमध्य के दोबारा खुलने के साथ ही इन जहाजों की रवानगी की तैयारी शुरू हो गई है। उम्मीद जताई जा रही है कि ये सभी नाविक अगले तीन से सात दिनों के भीतर सुरक्षित भारतीय बंदरगाहों पर पहुंच जाएंगे।

ट्रंप का धमाका: समय सीमा से पहले की घोषणा, 10 सूत्रीय फॉर्मूले पर बनी सहमति

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी कार्यशैली के अनुरूप तय समय सीमा से करीब डेढ़ घंटा पहले ही सोशल मीडिया के जरिए युद्धविराम का ऐलान कर दुनिया को चौंका दिया। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के साथ सभी विवादित मुद्दों पर सहमति बन गई है और अगले दो हफ्तों में एक औपचारिक समझौते को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका ने अपने सभी सैन्य लक्ष्यों को प्राप्त कर लिया है।

पाकिस्तान की मध्यस्थता और होर्मुज जलडमरूमध्य पर भरोसा

दिलचस्प बात यह है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने इस समझौते में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की भूमिका का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन नेताओं ने आश्वासन दिया है कि ईरान व्यापार के लिए सबसे महत्वपूर्ण रास्ता 'होर्मुज जलडमरूमध्य' को खुला रखेगा। ट्रंप के अनुसार, ईरान की ओर से एक 10 सूत्रीय प्रस्ताव मिला है, जिसे बातचीत के लिए एक बेहद व्यावहारिक और मजबूत आधार माना जा रहा है।