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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : लंबी दूरी की रेल यात्रा के दौरान अक्सर थकान, कमजोरी या अचानक सिरदर्द जैसी समस्याएं यात्रियों को परेशान कर देती हैं। कई बार बदलते मौसम या बाहर के खान-पान की वजह से सेहत अचानक बिगड़ जाती है। अगर आप भी ट्रेन में सफर कर रहे हैं और अचानक खुद को अस्वस्थ महसूस करते हैं, तो अब आपको घबराने या चिंता करने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए एक पुख्ता तंत्र तैयार किया है, जिससे आपको चलती ट्रेन में भी डॉक्टर और दवाइयों की सुविधा मिल सकती है।

तबीयत बिगड़ने पर तुरंत करें ये 4 काम, मिलेगी तत्काल सहायता

अगर ट्रेन के कोच में आपकी या आपके साथ यात्रा कर रहे किसी व्यक्ति की तबीयत खराब होती है, तो रेलवे ने सहायता के लिए कई रास्ते खोल रखे हैं:

139 पर कॉल करें: यह रेलवे का ऑल-इन-वन हेल्पलाइन नंबर है। इस पर कॉल करके आप अपनी मेडिकल इमरजेंसी की जानकारी दे सकते हैं।

TTE को सूचना दें: आपके कोच में मौजूद टीटीई (Train Ticket Examiner) को तुरंत सूचित करें। उनके पास कंट्रोल रूम से संपर्क करने और अगले स्टेशन पर मेडिकल टीम तैनात करवाने की शक्ति होती है।

सोशल मीडिया (X) का उपयोग: आप अपने PNR नंबर और समस्या के साथ @RailMinIndia या @IRCTCOfficial को टैग करते हुए पोस्ट कर सकते हैं। रेलवे की सोशल मीडिया टीम इस पर बहुत तेजी से रिस्पॉन्स करती है।

मेडिकल बॉक्स की सुविधा: कुछ चुनिंदा ट्रेनों में प्राथमिक उपचार के लिए जरूरी दवाओं से लैस मेडिकल बॉक्स भी उपलब्ध होते हैं, जो प्राथमिक राहत दे सकते हैं।

अगला स्टेशन बनेगा आपका 'केयर सेंटर'

यदि मरीज की स्थिति गंभीर है और उसे तुरंत अस्पताल ले जाने की जरूरत है, तो रेलवे प्रशासन अगले आने वाले बड़े स्टेशन पर डॉक्टर और एम्बुलेंस की व्यवस्था पहले से कर देता है। ट्रेन के वहां पहुंचते ही मेडिकल टीम कोच में आकर मरीज की जांच करती है। ध्यान रहे कि ट्रेन में डॉक्टर की पेशेवर सेवा लेने के लिए रेलवे द्वारा निर्धारित एक निश्चित शुल्क लिया जा सकता है, लेकिन आपातकालीन स्थिति में यह जान बचाने वाला कदम साबित होता है।

यात्रा में डॉक्टर और दवाओं का बढ़ता नेटवर्क

अब भारतीय रेलवे की कई प्रीमियम और लंबी दूरी की ट्रेनों में डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। रेलवे का लक्ष्य है कि किसी भी यात्री को इलाज के अभाव में परेशानी न झेलनी पड़े। 'रेल मदद' पोर्टल के माध्यम से भी यात्री सीधे अपनी शिकायत और मेडिकल इमरजेंसी दर्ज करा सकते हैं, जिसे सीधे संबंधित डिवीजन के अधिकारियों तक पहुंचाया जाता है।

रेलवे की सलाह: सफर में इन बातों का रखें विशेष ख्याल

रेलवे अधिकारियों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यात्रा के दौरान बीमार होने से बचने के लिए कुछ सावधानियां बहुत जरूरी हैं। हमेशा कोशिश करें कि घर का बना हल्का और स्वच्छ भोजन ही साथ लेकर चलें। बाहर के खुले खाने या स्टेशन पर मिलने वाले असुरक्षित भोजन से परहेज करें। पानी की शुद्धता का ध्यान रखें और बच्चों व बुजुर्गों के साथ सफर करते समय उनकी नियमित दवाओं का किट हमेशा साथ रखें। स्वच्छता और सतर्कता ही आपके सफर को सुहाना और सुरक्षित बनाएगी।