Prabhat Vaibhav,Digital Desk : अगर आप आने वाले दिनों में कहीं घूमने या बिजनेस ट्रिप की प्लानिंग कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और ईरान-इजराइल के बीच जारी युद्ध की तपिश अब आपके हवाई सफर को भी प्रभावित करने वाली है। 1 अप्रैल से हवाई यात्रा महंगी होने के पूरे आसार नजर आ रहे हैं, क्योंकि विमानन कंपनियां टिकट दरों में बड़ी बढ़ोतरी करने की तैयारी में हैं।
कच्चे तेल में उबाल और ATF की कीमतों का खेल
दरअसल, खाड़ी देशों में जारी संघर्ष की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने संकेत दिए हैं कि विमानन टरबाइन ईंधन यानी ATF की कीमतों में हर महीने की पहली तारीख को संशोधन होता है। वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए 1 अप्रैल से ईंधन की कीमतों में वृद्धि तय मानी जा रही है। चूंकि किसी भी एयरलाइन के कुल परिचालन खर्च में ईंधन की हिस्सेदारी करीब 40 प्रतिशत होती है, इसलिए तेल महंगा होते ही कंपनियां इसका बोझ यात्रियों पर डालने के लिए मजबूर हो जाती हैं।
युद्ध ने बढ़ाई एयरलाइंस की मुसीबतें
ईरान और इजराइल के बीच तनाव के कारण न केवल कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित हुई है, बल्कि कई महत्वपूर्ण हवाई रास्तों पर प्रतिबंध भी लग गए हैं। इससे उड़ानों को लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है, जिससे ईंधन की खपत और परिचालन लागत दोनों बढ़ गई हैं। इसके अलावा, युद्ध क्षेत्र के पास से गुजरने वाली उड़ानों के बीमा प्रीमियम में भी भारी बढ़ोतरी हुई है। सरकार का कहना है कि वे एयरलाइंस के साथ लगातार बातचीत कर रहे हैं ताकि यात्रियों पर अचानक बहुत ज्यादा वित्तीय बोझ न पड़े, लेकिन मौजूदा दबाव को देखते हुए राहत की उम्मीद कम ही नजर आती है।
कंपनियों ने शुरू किया फ्यूल सरचार्ज वसूलना
बाजार की प्रमुख कंपनियां जैसे एयर इंडिया, इंडिगो और अकासा एयर पहले ही बढ़ती लागत की भरपाई के लिए सक्रिय हो गई हैं। इंडिगो ने दूरी के हिसाब से 425 रुपये से लेकर 2,300 रुपये तक का अतिरिक्त शुल्क लगाना शुरू कर दिया है। वहीं, अकासा एयर ने भी अपनी उड़ानों पर समय के आधार पर 199 रुपये से 1,300 रुपये तक का फ्यूल चार्ज जोड़ दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि 1 अप्रैल के बाद ये दरें और भी बढ़ सकती हैं, जिससे गर्मी की छुट्टियों में सफर करना आम आदमी के बजट से बाहर हो सकता है।
यात्रियों के हितों और सुरक्षा पर सरकार की नजर
नागरिक उड्डयन मंत्री नायडू ने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता सुरक्षित और निर्बाध उड़ान सुनिश्चित करना है। मंत्रालय इस बात पर नजर रख रहा है कि एयरलाइंस अपनी वित्तीय स्थिति सुधारने के चक्कर में मनमाना किराया न वसूलें। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वैश्विक परिस्थितियों के कारण लागत बढ़ना तय है। ऐसे में सलाह यही है कि यदि आपको आने वाले महीनों में यात्रा करनी है, तो टिकटों की बुकिंग अभी कर लेना समझदारी होगी।




